सपा की किसान यात्रा के क्रम में शुक्रवार को किसान घेरा चौपाल गांव-गांव हुई। खैर विधानसभा के बेना गांव तथा टप्पल गांव में दिन की सभाओं के साथ रात की चौपाल हुई। जिसमें नए लागू हुए तीन कृषि कानूनों का पुरजोर विरोध हुआ। इस मौके पर पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह एवं जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने सभा को गोष्ठी को संबोधित किया।
जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है, नौजवान विरोधी है। ये सरकार किसानों के खिलाफ जो तीन काले कानून लेकर आई है। उससे किसान अपनी ही खेती में बंधुआ मजदूर बनकर रह जाएगा। किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिलेगा। इसीलिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर नेता एवं कार्यकर्ता इस आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर उनका साथ दे रहे हैं। पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टे किसानों के ट्यूबवेल के बिल के दाम, खाद के दाम बढ़ा दिए गए। वर्तमान सरकार किसानों का उत्पीड़न कर चंद पूंजीपतियों को फायदा देने का काम कर रही है। इसी कड़ी में रत्नाकर पांडेय, अहमद सिद्दीकी, मनोज चौधरी, मनोज जाटव, सगीर अहमद, पप्पन वर्मा, प्रशांत वाल्मीकि आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान पंकज पंडित, चमन चौधरी, शमशेर अली, सोनू शर्मा, निजामुद्दीन खान कपिल शर्मा, विजय ताला, ब्रजराज सिंह, चौधरी राजपाल सिंह, चौधरी ऋषि पाल सिंह, चौधरी वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
बिजेंद्र के जन्मदिन पर हुई रागिनी से हंगामा
अलीगढ़। सपा नेता एवं पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह के जन्मदिन के साथ चौपाल में रागिनी भी हुई। रागिनी में आए कलाकार पैसों के कारण कुछ ऐसे नृत्य कर रहे थे, जिससे स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसके बाद गांव वालों के विरोध में चलते रागिनी को बंद करा दिया गया। हालांकि बिजेंद्र सिंह ने कहा कि ये सामान्य बात थी, जिसको कुछ लोगों ने तूल दे दिया है।