सपा नेता द्वारा श्री खेरेश्वर धाम मंदिर में वॉटर कूलर के साथ लगाए गए शिलालेख को अखिल भारत हिंदू महासभा के नेताओं ने तोड़ दिया। शिलालेख को हथौड़े से तोड़ा गया। बीते सोमवार को सपा की युवजन सभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष सलमान शाहिद ने स्वामी पूर्णानंद गिरि और अन्य हिंदू नेताओं के साथ मंदिर कमेटी की अनुमति के बाद यहां एक वॉटर कूलर और उसका लोकार्पण शिलालेख लगवाया था। जिसे बुधवार दोपहर तोड़ दिया गया। इस शिलालेख का विरोध मंगलवार शाम से ही शुरू हो गया था।
अखिल भारत हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष आशीष ठाकुर ने खेरेश्वर मंदिर में सपा के मुस्लिम नेताओं द्वारा लगाए गए वॉटर कूलर एवं नाम पट्टिका का विरोध करते हुए कहा कि मंदिर हिंदू धार्मिक स्थल है वहां पर गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित होना चाहिए। इससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। गैर हिंदू विचारधारा के लोग मंदिर के पुजारी को प्रलोभन देकर के समस्त हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। इसका हिंदू महासभा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी हिंदू धार्मिक स्थलों पर दूसरे धर्म के लोगों के प्रवेश वर्जित होने का बोर्ड लगाया जाएगा, जैसे डासना पीठ में यती नरसिंहानंद सरस्वती ने किया। गैर हिंदू लोग सनातन धर्म के विद्रोही हैं। इस तरह के वॉटर कूलर लगा कर कहीं न कहीं हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया है। इसके पीछे धर्मांतरण की साजिश भी हो सकती है। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य, जय वीर शर्मा, अनिल वर्मा, हरिशंकर शर्मा, सचिन शर्मा, भोला आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वॉटर कूलर और शिलालेख के अनावरण के वक्त मौजूद रहे स्वामी पूर्णानंद गिरि ने कहा कि मानव शरीर से दूसरे मानव की सेवा करना धर्म और इसमें खलल डालना अधर्म है। फिर भी वह समाज की भावनाओं का सम्मान करते हैं। जैसा समाज तय करे, वह उसके साथ हैं। इस संबंध में पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने कहा कि अस्पतालों से लेकर मंदिर मस्जिद तक हर जगह दान दिया जाता है। इसमें धर्म और जाति का महत्व नहीं है। बल्कि मानवसेवा ही उद्देश्य है। अगर किसी को मंदिर में वॉटर कूलर लगाने से परेशानी है तो उनसे अपील है कि मस्जिदों में वॉटर कूलर लगवा दें। वह उनका स्वागत करेंगे। वहीं सपा से विधानसभा टिकट के दावेदार युवजन सभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष सलमान शाहिद ने कहा है कि उन्होंने कारोना काल में राशन बांटा, शवों को सुरक्षित रखने के डीप फ्रीजर दिए। अब वॉटर कूलर लगवा रहे हैं। उनका उद्देश्य मानव सेवा है। हर जगह राजनीति नहीं होनी चाहिए।
2.80 करोड़ के निर्माण भी तुड़वा दे भाजपा
पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह ने खेरेश्वर धाम पर वाटरकूलर का शिलालेख तोड़ने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने जिलाधिकारी, एसएसपी से उन अवांछनीय तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। सांसद रहने के दौरान उन्होंने 2.80 करोड़ रुपये से मंदिर में विकास कार्य कराया। अगर भाजपा नेताओं में दम है तो उसको भी तोड़ दें। भाजपाई बताएं कि उन्होंने खेरेश्वर धाम, चंडौस के भोजताल, बेसवां के धरणीधर तालाब, व अचल सरोवर को निर्माण विकास के लिए क्या दिया? ऐसे लोग सिरफिरे होते हैं जो समाज में आग लगाने के अलावा अमन और शांति के लिए कुछ नहीं कर सकते।