निकाय चुनाव में सपा अपनी जीत का सिलसिला बरकरार नहीं रख पाई। लगातार दो हार का सामना कर चुकी भाजपा के चुनावी जाल में सपा फंस गई। भाजपा ने युवा कार्यकर्ताओं के जोश और वरिष्ठ नेताओं के अनुभव से ऐसी रणनीति तैयार की कि चेयरमैन की सीट उसके खाते में आ गई। भाजपा प्रत्याशी ने सपा प्रत्याशी को 1164 वोटों से हराकर जीत दर्ज की।
सन 1995 से 2012 तक भाजपा के हरिश्चंद्र गुप्ता छर्रा नगर पंचायत के चेयरमैन पद पर रहे। इसके उपरांत 2012 में कांग्रेस के टिकट पर पूर्व चेयरमैन नौशाद खां ने अपनी पत्नी रहीसो जुबानी को हरिश्चंद्र गुप्ता के सामने उतार कर जीत हासिल की। हालांकि, बाद में वह सपा में शामिल हो गई हैं। पिछला चुनाव रहीसो ने सपा के टिकट पर लड़ा, उनके सामने भाजपा के हरिश्चंद्र गुप्ता थे, लेकिन उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा।
इस बार रहीसो की पुत्रवधू नाजिया खान चुनावी मैदान में उतरीं। सपा का विजय रथ रोकने के लिए भाजपा ने सपना गुप्ता पत्नी लालू महाजन को चुनाव में उतारा। लगातार दो हार का सामना कर चुकी भाजपा इस बार पूरी तरह मुस्तैद रही। युवा कार्यकर्ताओं के जोश व वरिष्ठ नेताओं के अनुभव के सहारे भाजपा ने ऐसी रणनीति तैयार की कि विपक्षी खेमा चारों खाने चित हो गया। भाजपा प्रत्याशी सपना गुप्ता को 6907 वोट, जबकि सपा प्रत्याशी नाजिया खान को 5743 मत हासिल हुए। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने 1164 मतों से जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी सपना गुप्ता ने मतगणना के प्रथम चक्र से बढ़त हासिल कर ली थी और यह बढ़त अंतिम चक्र तक जारी रही। सपा एक भी चक्र में भाजपा से आगे नहीं हो पाई।