तीन लकड़ियों को जोड़कर बनने वाला ढांचा देखने में मनुष्य की आकृति जैसा खिलौना होता है। इसके अंदर दीपक या मोमबत्ती रखने का स्थान होता है। कहीं-कहीं टेसू रामलीला में रावण के पुतला दहन से जलने वाली लकड़ी से बनाया जाता है। केवल टेसू का सिर बनाया जाता है। इसके बाद गेरु, पीली मिट्टी, चूना और काजल से इसकी रंगाई होती है।
झांझी की आकृति
झांझी मिट्टी की रंग-बिरंगी एक छोटी मटकीनुमा होती है। इसमें छेद कर डिजाइन बनाए जाते हैं। थोड़ा रेत या राख भर कर इसके अंदर दीपक रखा जाता है। रात के अंधेरे में झांझी के छिद्रों से छन-छनकर बाहर आता प्रकाश मनभावन लगता है। इसे झांझी का हंसना कहा जाता है।