ज्वेलर्स के घर में बेटे द्वारा मां की हत्या कर एक करोड़ की लूट का किस्सा अभी ठंडा नहीं हुआ कि फिर ऐसा मामला सामने आया है। गांधीपार्क के बी-दास कंपाउंड इलाके में 28 फरवरी को घर में अकेले बेटे को बंधक बनाकर लूट होना बताया गया। मगर हकीकत में इस लूट की सच्चाई कुछ और है।
दोस्तों संग रची साजिश
पुलिस के मुताबिक, बेटे ने अपने दोस्तों संग मिलकर प्रपंच रचा। परिवार की डांट-फटकार से बचने के लिए लूट का शोर मचा दिया। जब सच्चाई सामने आई तो पिता अब पुलिस से बेटे के दोस्तों पर कार्रवाई के लिए जोर दे रहा है। बीदास कंपाउड में 28 फरवरी की शाम पुलिस को सूचना दी गई थी कि सेल्समैन बनकर घुसे बदमाशों ने युवक को बंधक बनाकर लूटपाट की। लुटेरे घर से डेढ़ लाख से अधिक का माल ले गए। सीओ समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। घटना उस समय होना बताया गया, जब युवक के माता-पिता अपने प्रतिष्ठान पर थे और बड़ा भाई कोचिंग गया था। इस घटना की जांच में पुलिस का माथा उस समय ठनका, जब बाथरूम में बंद युवक बाहर कैसे निकला और सीसीटीवी में युवक के दोस्तों के अलावा वहां से कोई आता-जाता नहीं दिखा।
जांच में सामने आई हकीकत
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के वक्त युवक अपने दोस्तों संग मौजूद था। उस समय कुछ ऐसा घटित हुआ, जिसकी शिकायत माता-पिता को मिलने पर उसे डांट-फटकार झेलनी पड़ती। इससे बचने के लिए उसने लूट का शोर मचा दिया। पुलिस ने जब युवक व उसके परिवार के सामने ये तथ्य रखे तो वे टूट गए। अब परिवार द्वारा दोस्तों पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही जा रही है। सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह बताते हैं कि जांच में घटना लूट की नहीं है। बेटे और दोस्तों ने अपनी गलती छिपाने को प्रपंच रचा था। अब परिवार दोस्तों पर मुकदमे का दबाव बना रहा है।
भाइयों की रकम हड़पने के लिए लुटवाए थे 1.20 लाख
देहली गेट क्षेत्र के हाईवे बाईपास पर बीस दिन पहले हुई 1.20 लाख की लूट में भी कुछ इसी तरह का खुलासा हुआ है। बीज व्यापारी ने खुद अपने भाइयों के हिस्से की रकम हड़पने के लिए लूट का शोर मचा दिया था। जब भेद खुला तो उसने पुलिस से माफी मांगी है। मामले में पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई के लिए कोर्ट को रिपोर्ट भेजी है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
घटना 20 दिन पुरानी है। खैर रोड निवासी टिंकू ने पुलिस को खुद के साथ हाथरस से तगादा कर आते समय 1.20 लाख की लूट की खबर दी। पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले में जांच शुरू हुई और पुलिस घटनास्थल से लेकर हाथरस तक गई तो तथ्यों में तमाम झोल पाए गए। पीड़ित ने बताया था कि बदमाश रुपयों के साथ उसकी बाइक की चाभी भी ले गए हैं। मगर चाभी घर में बच्चों को मिल गई तो शोर मच गया। बाद में उसने परिवार में यह बात दबी रहने का अनुरोध किया, लेकिन बात किसी तरह पुलिस तक पहुंच गई। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया और बताया कि यह रकम उसे पांचों भाइयों में बांटनी थी। मगर उसकी नीयत खराब हो गई। इसलिए लूट की खबर दे दी। लूट की रकम से उसने अपना नया कोल्हू भी शुरू कर दिया।
गांधीपार्क के बी दास कंपाउंड में बंधक बनाकर लूट और देहली गेट के हाईवे बाईपास पर लूट के मामले जांच में झूठे पाए गए हैं। उसके आधार पर दोनों मामलों में कार्यवाही की जा रही है। - मुनिराज जी, एसएसपी