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कुछ लोगों ने काली पट्टी बांध कर अदा की नमाज

Tue, 27 Jun 2017 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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काली पट़टी बांधकर विरोध जताते अमुवि छात्रसंघ अध्यक्ष फैजुल हसन व अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला
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मुसलमानों पर हो रहे हमलों के विरोध में बाजू पर काली पट्टी बांध कर ईद की नमाज अदा करने की अपील का असर अलीगढ़ में देखने को मिला। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय स्थित जामा मस्जिद एवं जमालपुर ईदगाह पर बहुत से लोग बाजू पर काली पट्टी बांध कर ईद की नमाज अदा करने पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त जिले के जलाली एवं चंडौस कस्बे में भी बहुत से नमाजियों ने काली पट्टी बांध कर ईद की नमाज अदा की।
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गत दिनों हरियाणा के मुस्लिम युवक जुनैद की ट्रेन में हत्या कर दी गई थी। उसके बाद सोशल मीडिया में लोगों से ईद की नमाज बाजू पर काली पट्टी बांध कर अदा करने की अपील की गई थी। इस अभियान में एएमयू के छात्र बढ़-चढ़ कर काम कर रहे हैं। निवर्तमान अध्यक्ष फैजुल हसन के साथ-साथ दर्जनों छात्रों ने काली पट्टी बांध कर ईद मनाने की अपील का समर्थन किया था। सोमवार को इसका असर ईद की नमाज के दौरान देखने को मिला। एएमयू जामा मस्जिद एवं जमालपुर ईदगाह पर दर्जनों नमाजियों ने काली पट्टी बांध कर नमाज अदा की। एएमयू के अधिकतर छात्र अभी छुट्टी में घर गए हैं। सोशल मीडिया पर एएमयू छात्रों द्वारा काली पट्टी बांध कर फोटो पोस्ट किये गये हैं। एएमयू के एमडी छात्र एवं सोच संस्था के डॉ. सलीम मोहम्मद ने बताया कि पूरे देश में अपील का असर पड़ा है। विभिन्न प्रदेशों में रहने वाले छात्रों ने अपने-अपने यहां से काली पट्टी बांध कर फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। इसमें निवर्तमान अध्यक्ष फैजुल हसन, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी आदि भी शामिल हैं। एएमयू इतिहास विभाग के प्रो. वसीम राजा भी काली पट्टी बांध कर जामा मस्जिद में नमाज अदा करने वालों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जुनैद की हत्या के बाद से सोशल मीडिया पर काली पट्टी बांध कर ईद मनाने की अपील की गई थी। उन्होंने बताया कि जामा मस्जिद में काली पट्टी वितरित की गई।

काली पट्टी को लेकर सोशल मीडिया पर युद्ध
मुसलमानों पर हो रहे हमलों के विरोध में ईद के दिन काली पट्टी बांधने की अपील को लेकर सोशल मीडिया पर अलीग बिरादरी के बीच युद्ध की स्थिति है। कई लोग इस अपील के विरोध में खड़े हैं और सवाल उठा रहे हैं कि आखिर काली पट्टी बांधने की अपील किसने की। एएमयू अल्युमनाई एसोसिएशन महाराष्ट्र के अध्यक्ष तनवीर आलम इस अपील के विरोध में हैं। उन्होंने शायर इमरान प्रतापगढ़ी पर भी कटाक्ष किया है। चर्चा है कि जुनैद की हत्या के बाद सबसे पहले इन्होंने ही अपील की थी। वहीं कैंपस में यह भी चर्चा है कि इस विरोध को देश के बड़े-बड़े मौलानाओं का समर्थन प्राप्त है। सोशल मीडिया पर मौलानाओं के नामों की एक सूची भी जारी की गई है। हालांकि उसकी पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। ब्यूरो
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