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अब सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रमाणपत्रों और वेतन की होगी जांच

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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय
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अलीगढ़। प्रदेश के २५ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से एक ही शिक्षिका के नाम पर वेतन लेने का गडबड़झाला सामने आने के बाद शासन सख्त हो गया है। अब सभी शिक्षक और शिक्षिकाओं की गहन जांच पड़ताल शुरू हो गई। उनके शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के साथ ही पैन नंबर और वेतन की जांच भी होगी, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ी दोबारा न हो सके।
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मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि इस संबंध में अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा, सभी जिलाधिकारी, उप  शिक्षा निदेशक, सभी डीआईओएस का पत्र भेज दिया है। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त  माध्यमिक विद्यालय, संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाएगी। जिसके लिए जिला स्तरीय समिति का गठन होगा।

इस समिति में मंडलीय उपशिक्षा निदेशक,  माध्यमिक शिक्षा नोडल अधिकारी होंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रदेश स्तर पर इस संबंध में एक प्रारूप बनाएंगे, जिसे सभी जिलों के संबंधित विद्यालयों  में भेजा जाएगा। शिक्षकों का समस्त शैक्षणिक ब्यौरा, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, बोर्ड और विवि के अन्य प्रमाण पत्रों का ब्यौरा इस प्रारूप में भरा  जाएगा। ये ब्यौरा प्रारूप पत्र प्राप्त होने के तीन दिन के अंदर दिया  जाएगा। इसके बाद समिति इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों को अपने कार्यालय  में जांच अवधि तक सुरक्षित रखेगी।
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प्रमाण पत्रों को अपने पास जमा कराने के बाद समिति संबंधित कॉलेज, विश्वविद्यालय से इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराएगी। यही नहीं आगामी १५ जुलाई तक डीआईओएस संबंधित शिक्षकों का पूरा  ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कराएंगे। इन शिक्षकों के पैन कार्ड नंबर  जिला कोषागार में ई कुबेर प्रणाली में दिए जाएंगे ताकि ये पता चल सके कि एक पैन नंबर पर कहीं दोहरे या तिहरे वेतन तो नहीं लिए जा रहे हैं।

इस गहन जांच में जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाएं जाएंगे, उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। डीआईओएस ऐसे शिक्षकों का वेतन  रुकवाएंगे। ऐसे शिक्षकों की सेवाएं नियमानुसार समाप्त कराई जाएंगी। ये  समस्त कार्रवाई ३१ जुलाई तक पूरी कर शासन को इसकी विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।

ये होंगे जांच समिति में
१-जिलाधिकारी द्वारा नामित अपर जिलाधिकारी २-जिला विद्यालय निरीक्षक ३-राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ४-प्रतिष्ठित अशासकीय महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ५-मंडलीय उपशिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा इस समिति के नोडल अधिकारी होंगे
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