शहर में रविवार को कंकणाकृति सूर्य ग्रहण को खंडग्रास के रूप में देखा गया। ग्रहण के चलते कुछ समय के लिए अंधेरा भी हुआ। हिंदू मान्यताओं के चलते शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक के मंदिरों के कपाट बंद रहे। दोपहर में ग्रहण की समाप्ति के बाद मंदिरों की शुद्धि हुई और कपाट खुले। आम दिनों की अपेक्षा शहर की सड़कों में काफी कम संख्या में लोग दिखे। कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान तक बंद रखे। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने अमावस्या के मौके पर दान पुण्य भी किया।
भारतीय समयानुसार सुबह 09:16 बजे से दोपहर 3:04 बजे तक कंकणाकृति सूर्य ग्रहण शुरू हुआ, जो भारतीय भूभाग पर सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2:30 बजे की अवधि तक देखा जा सका। अलीगढ़ में सुबह 10:19 से दोपहर 2:02 के बीच खंडग्रास स्थिति में सूर्य ग्रहण देखा गया। सूर्य ग्रहण का असर शहर के बाजारों में भी देखा गया। हालांकि ज्यादातर प्रतिष्ठान बंद थे। जो खुले थे तो उनमें ग्राहक नदारद थे। ग्रहण के बाद इन प्रतिष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं ने अपने घर की शुद्धि की। नहा धोकर पूजा पाठ किया और दान पुण्य किया। जबकि ग्रहण के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भजन या मंत्र जप किया। कई श्रद्धालुओं ने तो लाउडस्पीकर पर भजन चलाए। इधर, सुबह ग्रहण से पहले शहर में ढकेल पर सब्जी लेकर लोग बेचने के लिए निकले। ग्रहण के चलते बाजार में आवाजाही कम रही। यही वजह रही कि सब्जी की खरीददारी लोगों ने कम की।
ग्रहण देखने के लिए लोगों ने किये जतन
ग्रहण के काल के दौरान एक ओर ज्योतिष विज्ञान के साथ साथ शिक्षण संस्थान अध्ययन में लगे हुए थे। उस दौरान कई लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने ग्रहण को देखने के लिए काफी जतन किये। कुछ लोग पात्र में पानी डालकर सूर्यग्रहण का प्रतिबिंब देखने का प्रयास कर रहे थे। वहीं निजी अस्पताल का स्टाफ एक्सरे के माध्यम से सूर्य ग्रहण देखता रहा। एएमयू जैसे शिक्षण संस्थानों में उपकरणों की सहायता से ग्रहण पर अध्ययन किया गया। वहीं, कुछ लोगों ने काली फिल्म, एक्सरे के जरिये ग्रहण देखा।
सूर्य ग्रहण देखना रहा रोमांचक
टीकाराम बिल्डिंग की छत पर संजय कृष्ण गुप्ता, राजीव कृष्णा, अंशुल कृष्ण व शिखा गुप्ता ने सूर्य ग्रहण देखा। इस दौरान उन्होंने बताया कि ग्रहण देखना काफी रोमांचक रहा। विभिन्न आकृतियों में सूर्य तो दिखा ही। साथ ही चंद्रमा की आकृति भी देखने को मिली। उन्होंने कहा कि ऐसी खगोलीय घटना ने कई सारी जिज्ञासाएं भी पैदा कर दी हैं।
ग्रहण का भी रहा डर, घरों से नहीं निकले लोग
सूर्य ग्रहण पड़ने के दौरान कई घरों में ग्रहण का डर भी देखा गया। लोग अपने घरों से नहीं निकले। जब कुछ लोगों से अमर उजाला ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उनके नाम की राशि प्रतिकूल है। ज्योतिषीय गणना के चलते कोई व्यापक प्रभाव नहीं पड़े। इसीलिए घर से नहीं निकले।
सूर्य ग्रहण के दौरान बंद वार्ष्णेय मंदिर।- फोटो : CITY OFFICE