प्रभारी श्याम देव ने बताया कि किसानों के द्वारा उर्वरक, कीटनाशक और खरपतवारनाशी का असंतुलित प्रयोग करने से भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त होती जा रही है। ऐसे में किसानों को इस पर अंकुश लगाना होगा।
मृदा में चार श्रेणी में होती है जीवांश कार्बन की मात्रा
- अति न्यून-0.20 फीसदी
- न्यून-.21 से .50
- मध्यम-.51 से .8
- उच्च-.8 से ऊपर
इस विधि को अपनाएं किसान
- संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग।
- हरी खाद का अधिक प्रयोग।
- केंचुए की खाद का प्रयोग।
- फसल अवशेष को जलाएं न बल्कि खेत में सड़ने को छोड़ दें।
- गोबर खाद का प्रयोग करें।
- दलहनी फसलों का फसल चक्र में समावेश करें।