मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश भर में सभी पुलिसकर्मियों के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा में खुलवाए गए थे। जिसमें दुर्घटना में दो करोड़ पांच लाख रुपये दो अलग-अलग तरह से बतौर सहयोग राशि बैंक की ओर से दिए जाने का प्रावधान है।
सिपाही की मां की तबीयत बिगड़ी, परिवार को संदेह
इस घटना में मृत सिपाही याकूब का परिवार अभी संदेह दूर नहीं कर पा रहा है। सवाल है कि जब कई लोगों की टीम थी और एक दरोगा की पिस्टल अगर खराब हो गई तो उसे वहीं क्यों सही किया गया। उसे रख दिया जाता। दूसरा ये समझ में नहीं आ रहा कि पिस्टल की गोली दरोगा के पेट से निकलकर उसके नाक में कैसे लगी। हालांकि परिवार किसी पर आरोप नहीं लगा रहा। मगर इसका सच जानने के लिए जांच जरूरी कह रहा है। इधर, परिवार में मातम छाया है। इस दौरान मां की तबीयत बिगड़ी जिन्हें उपचार के लिए ले जाया गया। वहीं शुक्रवार को कोल विधायक अनिल पाराशर, बसपा नेता सलमान शाहिद, सपा के तमाम पार्षद आदि लोग सिपाही के घर संवेदना जताने पहुंचे।
दरोगा की पत्नी भी हुई बीमार
इस हादसे की खबर पर मेरठ से दरोगा का परिवार यहां बृहस्पतिवार को ही पहुंच गया था। शुक्रवार को उसकी पत्नी दीप्ति की तबीयत बिगड़ने पर उसे डॉक्टरों की सलाह पर घर भेज दिया गया।