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अनुमति नहीं तो कैसे सज गया देवी जागरण मंच

Mon, 20 Jun 2016 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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अनुमति नहीं तो कैसे सज गया देवी जागरण मंच - फोटो : रुपेश
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 करीब एक दशक से शांत पड़े महानगर में अचानक बदले माहौल में पुलिसिंग भी सुस्त हो चली है। रविवार रात अचल रोड पर हुए घटनाक्र के दौरान यही देखने को मिला। इलाके में गश्त कर रही लैपर्ड, चौकी स्टाफ को भी उस समय देवी जागरण की सुधि आई, तब इलाके के लोग विरोध में उतरे। उससे पहले बीच सड़क पर चौराहे के बगल में देवी जागरण का कई फिट ऊंचा मंच सज गया। किसी ने उस तरफ ध्यान ही नहीं दिया। हकीकत यह है कि एक सप्ताह से इस आयोजन की अनुमति न मिलने पर आयोजक भटक रहे थे। फिर भी पुलिस ने सख्त रुख नहीं अपनाया।
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बताया गया है कि इस आयोजन को लेकर एक सप्ताह से अधिक समय से मोहल्ले के लोग चंदा कर रहे थे। इसमें कुछ भाजपाई भी शामिल थे। कुछ दिन पहले जब पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पास अनुमति के लिए पहुंचे तो महानगर में मौजूदा माहौल को देखकर अनुमति देने से इंकार कर दिया। इस पर कुछ भाजपाइयों ने कह दिया कि आयोजन कराओ, देख लिया जाएगा। इसके बाद भी रविवार रात जानबूझकर देवी जागरण का मंच सजा दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी। जब तरावीह पढ़ने आए लोगों ने विरोध किया, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
आनन-फानन एकत्रित हुए पुलिस प्रशासनिक अधिकारी
अलीगढ़ (ब्यूरो)। अचल रोड पर देर रात जैसे ही हंगामे व बवाल की खबर मिली तो एसओ गांधीपार्क, इंस्पेक्टर कोतवाली के साथ-साथ एसओ सासनी गेट, एसओ बन्नादेवी, एसओ क्वार्सी, एसओ देहली गेट, एसओ गभाना, एसओ हरदुआगंज, एसओ लोधा, एसओ मडराक, एसओ महिला थाना, सीओ प्रथम, सीओ द्वितीय, सीओ तृतीय, एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी यातायात, एडीएम सिटी, एसएसपी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम आदि पहुंच गए। बाद में पीएसी, क्यूआरटी आदि भी बुला ली गई।
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भाजपाइयों की फजीहत, मेयर-सांसद विरोधी नारेबाजी
अलीगढ़। बवाल के दौरान भाजपाइयों ने बिना अनुमति देवी जागरण की जैसे ही बात सुनी, तभी अंदरखाने से तरह-तरह के मंतव्य आने लगे। किसी ने अचल गुमटी पर तो किसी ने आर्य समाज के अंदर देवी जागरण कराने का तर्क रखा। मगर पब्लिक इसी बात पर अड़ी थी कि हम यहीं जागरण करेंगे।
  इसे लेकर सभी पहले अंदर गए और वहां एक दूसरे पर तर्क दिए जा रहे थे। इसे लेकर अंदर जब कार्यकर्ता विरोध में आ गए तो वहां सांसद, मेयर से लेकर तमाम पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यकर्ताओं में जबरदस्त विरोध के साथ मेयर व सांसद सहित तमाम भाजपाई विरोधी नारेबाजी होने लगी।
  इसके बाद धीरे-धीरे नेता वहां से खिसकने लगे तो लोगों ने मेयर पर पथराव कर दिया। बाद में नेतृत्वविहीन हुए लोगों को पुलिस ने जैसे-तैसे धमका व धकियाकर तितर-बितर किया। जैसे ही संख्या बल कम हुआ। इसके बाद पुलिस ने पूरा इलाका खाली करा लिया।
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