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शराब कांड : जहरीली शराब बेचने वाला तस्कर प्रमोद गुप्ता दोषी करार, गैर जमानती वारंट जारी, सजा 20 जनवरी को

Sun, 18 Jan 2026 11:18 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

27 मई 2021 की देर शाम से मिलावटी शराब ने जिले में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि प्रदेश भर में हायतौबा मच गई। इस कांड ने 126 परिवारों के जीवन की हंसी-खुशी छीन ली।
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जहरीली शराब (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ani
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विस्तार
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देश-प्रदेश की सुर्खियों में रहे जहरीली शराब कांड के एक और मुकदमे में 17 जनवरी को अदालत ने फैसला सुना दिया। एडीजे-14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने मेथेनाल मिलावट युक्त शराब बेचने के आरोपी तस्कर प्रमोद गुप्ता को दोषी करार दिया है। फैसले के नियत तारीख पर प्रमोद गुप्ता के गैरहाजिर रहने के कारण उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिए हैं। अब सजा सुनाने के लिए 20 जनवरी तारीख नियत कर दी है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार पांच जून 2021 को एसओ जवां चंचल सिरोही ने क्वार्सी में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि जवां क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुईं मौतों के बाद जवां के शराब माफिया मुनीश शर्मा को पकड़ा गया। उसने पूछताछ में स्वीकारा कि उन्हें यह मिलावटी शराब कुलदीप विहार महुआ खेड़ा का प्रमोद गुप्ता लाकर देता है। इस सूचना पर क्वार्सी पुलिस की मदद से प्रदीप कुमार को मुखबिर की मदद से क्वार्सी बाईपास महाराणा प्रताप गेट से दबोच लिया गया। उसके पास से 24 क्वार्टर देसी शराब गुड इवनिंग ब्रांड बरामद हुई।

प्रमोद ने स्वीकारा कि जिले में घटित शराब कांड के बाद शुरू हुई धरपकड़ से बचने के लिए वह इस शराब को ठिकाने लगाने जा रहा था। बरामद शराब की आबकारी प्रयोगशाला मेरठ से जांच हुई, इसमें मेथेनाल मिलावट की पुष्टि हुई। सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर शराब कांड के सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई कर रही अदालत में शनिवार को निर्णय की तारीख नियत थी, लेकिन प्रमोद गुप्ता के अधिवक्ता ने यह कहते हुए हाजिरी माफी लगाई कि वह बीमार है। अस्पताल में भर्ती है। किस अस्पताल में भर्ती है, इसके साक्ष्य पेश नहीं किए।
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इस आधार पर अदालत ने उसे गैर हाजिर करार देकर अपमिश्रित शराब बेचने व धोखाधड़ी संबंधी धाराओं में दोषी करार दिया है। साथ में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर एसएसपी को सूचित किया है। 20 तारीख को प्रमोद को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश देकर सजा सुनाने के लिए 20 जनवरी तारीख नियत की है।
 
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मृत्यु व जहरीली शराब बेचने के साक्ष्य पर दोषी करार

अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर व रविकांत शर्मा ने बताया कि जिस मामले में प्रमोद को दोषी करार दिया गया है, उसमें यह तथ्य आया है कि जवां में शराब माफिया मुनीश द्वारा बेची गई जहरीली शराब से मृत्यु हुई थीं। मुनीश ने स्वीकारा कि उसने माल प्रमोद गुप्ता से खरीदा था। प्रमोद गुप्ता के बयानों व मोबाइल सर्विलांस जांच व खातों के लेनदेन से उजागर हुआ कि वह माल अकराबाद के अधोन में जहरीली शराब बनाने का कारखाना चला रहे विपिन यादव व शिवकुमार से खरीदता था। बता दें कि इस कांड में 31 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इनमें से दो मुकदमों में अदालत में 2024 में सजा सुनाई गई। एक मामले में 2025 में आरोपियों को बरी किया गया। अब एक मामले में दोषी करार दिया गया है।

126 परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गया था कांड
27 मई 2021 की देर शाम से मिलावटी शराब ने जिले में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि प्रदेश भर में हायतौबा मच गई। इस कांड ने 126 परिवारों के जीवन की हंसी-खुशी छीन ली। मामले में शराब व्यापारी अनिल चौधरी, उसके भाई सुधीर चौधरी, अकराबाद के अधोन में फैक्टरी संचालक विपिन उर्फ ओमवीर व शिवकुमार, जवां के दूसरे शराब व्यापारी ऋषि शर्मा, मुनीष शर्मा आदि को डीएम स्तर से माफिया घोषित किया गया था। अनिल व ऋषि पर रासुका की कार्रवाई की गई थी। बाद में सभी जमानत पर आ गए।
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