अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर व रविकांत शर्मा ने बताया कि जिस मामले में प्रमोद को दोषी करार दिया गया है, उसमें यह तथ्य आया है कि जवां में शराब माफिया मुनीश द्वारा बेची गई जहरीली शराब से मृत्यु हुई थीं। मुनीश ने स्वीकारा कि उसने माल प्रमोद गुप्ता से खरीदा था। प्रमोद गुप्ता के बयानों व मोबाइल सर्विलांस जांच व खातों के लेनदेन से उजागर हुआ कि वह माल अकराबाद के अधोन में जहरीली शराब बनाने का कारखाना चला रहे विपिन यादव व शिवकुमार से खरीदता था। बता दें कि इस कांड में 31 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इनमें से दो मुकदमों में अदालत में 2024 में सजा सुनाई गई। एक मामले में 2025 में आरोपियों को बरी किया गया। अब एक मामले में दोषी करार दिया गया है।
126 परिवारों को जीवन भर का दर्द दे गया था कांड
27 मई 2021 की देर शाम से मिलावटी शराब ने जिले में मौत का ऐसा तांडव मचाया कि प्रदेश भर में हायतौबा मच गई। इस कांड ने 126 परिवारों के जीवन की हंसी-खुशी छीन ली। मामले में शराब व्यापारी अनिल चौधरी, उसके भाई सुधीर चौधरी, अकराबाद के अधोन में फैक्टरी संचालक विपिन उर्फ ओमवीर व शिवकुमार, जवां के दूसरे शराब व्यापारी ऋषि शर्मा, मुनीष शर्मा आदि को डीएम स्तर से माफिया घोषित किया गया था। अनिल व ऋषि पर रासुका की कार्रवाई की गई थी। बाद में सभी जमानत पर आ गए।