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Aligarh News: चांडौस तक पहुंचा धुआं, खांसते-खांसते परेशान हुए ग्रामीण

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आग बुझाने में सहयोग करती जेसीबी - फोटो : samvad
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आग इतनी भीषण थी कि उससे उठने वाला धुआं कस्बे चांडौस तक पहुंच रहा था।टायर जलने की तीखी दुर्गंध वातावरण में फैली हुई थी और राख भी उड़कर फैल रही थी। कोहरा छाया हुआ था और ऊपर से यह धुआं लोगों को परेशान कर कर रहा था, लोगों का खांसते-खांसते बुरा हाल हो रहा था।
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फैक्टरी से निकलने वाले काले धुएं और प्रदूषण से लोग पहले से ही परेशान हैं। किसानों का कहना है कि टायरों के धुएं और राख से फसलें काली पड़ जाती हैं। अनाज भी काला पड़ रहा है। इसे बेचने में परेशानी होती है। रोजाना शाम के समय फैक्टरी शुरू होते ही टायरों के जलने की बदबू फैलने लगती है। लोगों ने इस फैक्टरी को यहां से हटवाए जाने की मांग की है।

इन बिजली घरों से बंद रही आपूर्ति

चंडौस के साथ ही पिसावा, दरगवां, कसेरू, डेटा कलां, बिसारा, चंडौस देहात और कौरहरुस्तमपुर बिजली घरों की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। इन बिजली घरों से जुड़े करीब 150 गांवों सहित पिसाव कस्बे में भी करीब आठ घंटे तक बिजली गुल रही। आग लगने के साथ ही गभाना स्थित एक सीमेंट फैक्टरी की बिजली आपूर्ति भी बंद हो गई थी, जो सोमवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे के बाद चालू हो पाई।
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132केवी बिजलीघर से सटी है फैक्टरी की दीवार

चंडौस। 132केवी बिजली घर और टायर फैक्टरी की दीवार आपस में जुड़ी है। टायर फैक्टरी में आग भी इसी दीवार की तरफ वाले हिस्से में ही लगी थी। विद्युत विभाग के कर्मचारियों के अनुसार आग की लपटें 132 केवी बिजली घर पर पहुंचती तो बड़ा हादसा और भारी नुकसान हो सकता था।



- टायर फैक्टरी में अंदर से ही आग लगी है। आग की लपटों से 33 केवी की लाइन जली है, जिसके कारण कारण कई बिजली घरों से आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिसे दोपहर 12 बजे के करीब सुचारू करा दिया गया है। गभाना की सीमेंट फैक्टरी की बिजली आपूर्ति शुरू होने में देर लग रही है। -निशांत कुमार, एसडीओ विद्युत।

- टायर फैक्टरी की आग के कारण 132 केवी बिजली घर बाल-बाल बचा है। बिजली घर के बराबर में नियम के विरुद्ध टायर जलाने की फैक्टरी लगाई गई है, जिसमें हर समय टायर जलाने काम होता है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। -अरुण कुमार रस्तोगी, जेई 132 केवी बिजली घर।
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