स्मार्ट सिटी (स्टेज-2) के लिए नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से सहयोग मांगा है। एएमयू के पालीटेक्नीक सभागार में गुरुवार को एक परिचर्चा बैठक का आयोजन किया, जिसमें एएमयू के शिक्षकों, अधिकारियों के साथ ही टीचिंग और नान टीचिंग स्टाफ ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में मुख्य मुख्य चौराहों को चौड़ा करने, उनका सौंदर्यीकरण करने, जल संरक्षण करने, मेडिकल रोड को चौड़ा करने और वाई फाई सुविधा देने जैसे सुझावों पर चर्चा की गई। स्मार्ट सिटी कंसलटेंट टीम के सदस्य भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में प्रो. नदीम खलील ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए हमें पिछली कमियों से सबक लेना चाहिए।
इस बार बेहतर स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव तैयार करने में सहयोग करना चाहिए। प्रो. अनवर खुर्शीद ने कहा कि पहली बार एएमयू में नगर निगम ने स्मार्ट सिटी पर परिचर्चा बैठक कर सराहनीय पहल की है। प्रो. नवाब ने कहा कि स्मार्ट सिटी में प्रत्येक जगह इंटरनेट की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रो. शादाब खुर्शीद ने कहा कि मुख्य मुख्य एंट्री प्वाइंट का सौंदर्यीकरण होना चाहिए। प्रो. नसीम ने मेडिकल रोड को चौड़ा करने का सुझाव दिया, जिससे मरीजों को असुविधा न हो।
रिटायर अधिशासी अभियंता इजहार ने वेंडिंग जोन का सुझाव दिया। डेंटल कालेज के प्रो. तिवारी ने निर्धारित समय पर कूड़ा उठवाने का सुझाव दिया। प्रो. फिरोज ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए अधिक से अधिक फ्लाई ओवर बनाने के सुझाव दिए।
एएमयू के कार्यवाहक कुलपति अबरार हसन ने कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए पहले हमें अपने अंदर स्मार्टनेस पैदा करनी होगी। नगर निगम भले ही स्मार्ट सिटी के लिए प्रयास कर रहा हो लेकिन स्मार्ट सिटी के लिए जनता का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने एएमयू बिरादरी से अपील की कि वह स्मार्ट सिटी के लिए अधिक से अधिक संख्या में आगे आएं। बैठक में नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी स्टेज-2 के प्रस्ताव को विस्तृत रूप से समझाया।