हिजबुल कमांडर और एएमयू से निष्कासित रिसर्च स्कालर मन्नान वानी के मार जाने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारेबाजी करने के मामले में कश्मीरी शोध छात्र वसीम अयूब मलिक और अब्दुल अबीर मीर का निलंबन बेशक एएमयू इंतजामिया ने वापस ले लिया। मगर अभी उन पर दर्ज देशद्रोह के मुकदमे का भविष्य तय होना बाकी है। इसके लिए एसएसपी स्तर से बाकायदा एक एसआईटी गठित की गई है जो मुकदमे का भविष्य तय करेगी। सीओ तृतीय संजीव दीक्षित के नेतृत्व में गठित एसआईटी यह रिपोर्ट तैयार करेगी कि किस आधार पर एएमयू ने इन छात्रों का निलंबन किया और किस आधार पर वापस लिया। साथ ही कैंपस के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जाएंगे।
थाना सिविल लाइंस की मेडिकल रोड चौकी इंचार्ज इसरार अहमद की ओर से 12 अक्तूबर को दर्ज करायी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्मीरी आतंकी मन्नान वानी के मारे जाने के बाद एएमयू में कश्मीरी छात्रों के कैनेडी हाल के लान में इकट्ठा होकर नमाज-ए-जनाजा पढ़ने की सूचना मिली। वहां पहुंचने पर देखा कि काफी कश्मीरी छात्र इकट्ठा थे और उनके नेता भाषण दे रहे थे। उस समय एएमयू प्राक्टर टीम सहित अन्य लोग भी मौजूद थे। जब छात्र नमाज-ए-जनाजा की तैयारी करने लगे तो प्राक्टर टीम ने उन्हें रोका, जिस पर वाद विवाद हुआ और धक्का मुक्की हुई। यहां छात्रों ने एक व्यक्ति संग मारपीट कर मोबाइल आदि भी लूट लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामने आने पर हमलावर कश्मीरी छात्रों को वह पहचान सकता है। इस मुकदमे में रसायन विभाग के शोध छात्र वसीम अयूब मलिक और इतिहास विभाग के अब्दुल अबीर मीर को धारा 147, 148, 124 ए, 153 ए, 153 बी, 323, 504 और 506 के तहत आरोपी बनाया गया है। यह मुकदमा एएमयू द्वारा दोनों छात्रों को निलंबित करने के बाद दर्ज किया गया था। मगर अब इनका निलंबन एएमयू ने वापस ले लिया है। इसके चलते पुलिस के स्तर से एसआईटी जांच कराई जा रही है। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वास्तव में घटना क्या हुई थी और किन हालात में इन छात्रों को निलंबित करना पड़ा। सीओ तृतीय के नेतृत्व में गठित इस एसआईटी में इंस्पेक्टर सिविल लाइंस विनोद कुमार, दो सब इंस्पेक्टर व एक कांस्टेबल को शामिल किया गया है।
एएमयू में देश विरोधी नारेबाजी के प्रकरण में चौकी इंचार्ज द्वारा दर्ज किए गए में मुकदमे के आरोपों की जांच को लेकर एसआईटी का गठन किया गया है। इस जांच का यह हिस्सा होगा कि किस आधार पर एएमयू ने छात्रों को निलंबित किया और किस आधार पर लिखा पढ़ी में उन्हें बहाल किया। साथ में सीसीटीवी फुटेज क्या कह रहे हैं, इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
- अजय कुमार साहनी, एसएसपी