भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने कहा कि सभी नेताओं को ब्लैक पेंट करना खतरनाक है। लीडरशिप की वजह से आज हिंदुस्तान सुपर पॉवर बनने को है। डॉ. कुरैशी बुधवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खां के 201 वें जन्म दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन एथलेक्सि ग्राउंड में किया गया था। इस मौके पर सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड नेशनल एवं इंटरनेशनल के अतिरिक्त दूसरे पुरस्कार विजेताओं को प्रदान किये गय
डॉ. कुरैशी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 12 करोड़ नवजवान मतदान करेेंगे। ऐसे में यूनिवर्सिटी की विशेष भूमिका होगी। अपने कार्यकाल का उल्लेख कर उन्होंने कहा कि युवा मतदान के प्रति उदासीन थे। नेताओं को उपेक्षा की नजर से देखते और कोसते थे। जबकि लीडरशिप की वजह से ही आज भारत सुपर पॉवर बनने को है। शहर के शिक्षित लोग मतदान करने नहीं जाते थे। इसको ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग में जागरूकता सेल अलग से बनाई।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हमारे देश में 84 करोड़ वोटर और 10 लाख पोलिंग बूथ है। 1.10 करोड़ स्टाफ ऐसा शानदार चुनाव कराते है कि देश को फख्र होता है। उन्होंने उदाहरण देकर एक-एक मत की कीमत समझाई और कहा कि राजस्थान के नेता सीपी जोशी एक मत से हार गए। वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे। उनकी पत्नी मतदान कर देती तो वह चुनाव जीत जाते लेकिन मतदान के दिन उनकी पत्नी एवं पुत्री मंदिर चली गई थी। उन्होंने कहा कि आज का मंदिर मतदान केंद्र है। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम का ही नतीजा था कि 2007 और 2012 के बीच के चुनाव में उत्तर प्रदेश में 30 प्रतिशत वोटर बढ़ गये।
औरतों का वोट 45 प्रतिशत बढ़ा था। उस समय यूपी ने तो कमाल कर दिया था। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान मिनी वर्ल्ड है। इससे खूबसूरत दुनिया में कोई मुल्क नहीं है। हमारी ड्यूटी है कि सभी चुनाव को यूनिक बनाएं। यहां का हर आदमी कही न कही अल्पसंख्यक है। हिंदू कश्मीर में अल्पसंख्यक है। महिलाएं यहां की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक है। उन्होंने कहा कि सर सैयद ने अंग्रेजी एवं विज्ञान की शिक्षा पर बल दिया, जिससे हम अंतरराष्ट्रीय नागरिक बने। जब वह विदेश जाते है तो एएमयू तराना ‘जो अब्र यहां से उठेगा, वह सारे जहां पर बरसेगा...’ साकार होता नजर आता है।
एएमयू कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि सिर सैयद ने अपने जीवन को शिक्षा, धर्म निरपेक्षता, एवं भाईचारे को समर्पित करके देश एवं देशवासियों के भाग्य को बदलने का कार्य किया। कार्यक्रम को प्रो. सीमी हसन, प्रो. एआर किदवई, छात्र वजाहत मुनाफ जीलानी, आफिया रिजवी आदि ने संबोधित किया। संचालन प्रो. एफएस शीरानी एवं डॉ. फायजा अब्बासी ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापित डीएसडब्लू प्रो. जमशेद सिद्दीकी ने किया। सह कुलपति प्रो. एमएच बेग, रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद, कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी एवं वित्त अधिकारी प्रो. एसएम जावेद अख्तर आदि मौजूद थे। इससे पूर्व सर सैयद दिवस समारोह का शुभारंभ जामा मस्जिद पर पवित्र कुरान के पाठ से हुआ। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने सर सैयद की मजार पर चादरपोशी कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उसके बाद कुलपति ने सर सैयद अकादमी में सर सैयद अहमद खां के जीवन तथा सेवाओं पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
सर सैयद दिवस पर पुरस्कार
सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड (इंटरनेशनल) - प्रो. क्रिश्चियन डब्लू ट्राल
सर सैयद एक्सीलेंस अवार्ड (नेशनल) - संजीव सराफ, संस्थापक रेख्ता फाउंडेशन
रिसर्च अवार्ड - प्रो. एम इरफान अली मोंडाल, एएमयू
रिसर्च अवार्ड - प्रो. अकबर हुसैन, एएमयू
युवा रिसर्चर अवार्ड - डॉ. यासिर हसन सिद्दीकी
युवा रिसर्चर अवार्ड - डॉ. शिवांगिनी टंडन
अखिल भारतीय आलेख लेखन प्रतियोगिता
प्रथम - जागृति सांघी, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस लीगल स्टडीज, कोच्चि, केरल
द्वितीय - मोहम्मद उमैर खान, एएमयू
तृतीय - किरन फ्रांसिस, यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई
राज्यों के टॉपर्स - बिहार से अंकिता गोयल, गुजरात से ध्रुवी मुकेश भाई नवादिया, हिमाचल प्रदेश से उदय तलवार, हरियाणा से अहद अली, जम्मू एवं कश्मीर से आबिद अहमद शेख, केरल से मोहम्मद सहल, कर्नाटक से फातिमा जोहरा, महाराष्ट्र से अनुप्रिया अग्रवाल, दिल्ली से उत्कर्ष अग्रवाल, उड़ीसा से प्रताप जीना, पंजाब से श्वेता मिगलानी, उत्तर प्रदेश से वजाहत मुनाफ जिलानी तथा पश्चिमी बंगाल से मागादूनी