जहरीली शराब के सेवन से मौतों का सिलसिला जारी है। इस प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो चुकी है। चार लोगों ने रविवार को एडीएम प्रशासन के कार्यालय में पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि खुलेआम नकली, कच्ची शराब की बिक्री होती है। 24 घंटे ठेकों से शराब की बिक्री होती है। बयान दर्ज कराने वाले चारो लोग सियारौल, खैर गांव के हैं। इधर, अब बयान दर्ज कराने के लिए आम जनता के साथ ही अधिकारियों को 31 मई व एक जून का समय दिया गया है। पहले सिर्फ 30 मई तक बयान दर्ज कराने का आदेश जारी किया गया था।
मजिस्ट्रेटी जांच में बयान दर्ज कराने वालों में मुकेश कुमार, जगत सिंह, धर्मजीत सिंह, हरेंद्र सिंह शामिल रहे। इधर, तीसरे दिन भी मौतों का सिलसिला जारी रहने के चलते अधिकारी व्यस्त रहे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के बयान नहीं हो सके। शराब कांड प्रकरण में डीएम की ओर से मजिस्ट्रेटी जांच के लिए नामित किए गए एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने बताया कि जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ), खैर एसडीएम अंजनी कुमार, कोल एसडीएम रंजीत सिंह, सीओ खैर शिवप्रताप सिंह, सीओ गभाना कर्मवीर सिंह और सीओ सिविल लाइंस विशाल चौधरी, इंस्पेक्टर खैर प्रवेश कुमार, तत्कालीन लोधा इंस्पेक्टर अभय शर्मा, और जवां इंस्पेक्टर चंचल सिरोही को नोटिस जारी किया है। इनसे बयान, साक्ष्य सहित घटना के संबंध में आख्या मांगी है। इसके साथ ही अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट। एफआईआर, गिरफ्तारी की रिपोर्ट मांगी है। अधिकारी शनिवार को भागदौड़ के चलते व्यस्त रहे।