एएमयू के मास कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन व एएमयू जनसंपर्क कार्यालय के मेंबर इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई द्वारा लिखी गई ‘सर सैयद अहमद खान रीजन, रिलीजन एंड नेशन पुस्तक लंदन व न्यूयार्क में प्रकाशित हुई है। पुस्तक में सर सैयद अहमद खां से संबंधित जो भ्रांतियां फैली हैं, उन्हें तथ्यों व दस्तावेज के सहारे दूर करने का प्रयास किया गया है।
प्रो. शाफे किदवई के अनुसार, 250 पेज की इस पुस्तक में सर सैयद अहमद खां के पारिवारिक, सामाजिक व शिक्षा के बढ़ावे को लेकर भ्रांतियां हैं, उन्हें कई महीनों के शोध, तथ्यों व लिखित हवालों के सहारे दूर करने का प्रयास किया है। मौलाना हाली की पुस्तक ‘हयाते जावेदां’ में सर सैयद अहमद को लेकर भ्रांतियां हैं, जिसे दूर किया गया है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक का प्राक्कथन जाने-माने इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने लिखा है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के इतिहास के प्रोफेसर फैसल देवजी, स्कॉलर/ कवि सुर्कीता पॉल कुमार, आलोचक अनीसुररहमान, एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी अमेरिका के इतिहास की प्रोफेसर यासमीन सैकिया, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी के पूर्व चांसलर प्रो. सैयदा सैय्यदेन हमीद ने पुस्तक के तथ्यों व शोध को सराहा है।