जिले में एक भी फायर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं
बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा राम भरोसे है। जिले में ऊंचाई पर लगी आग को बुझाने और लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए अग्निशमन विभाग के पास एक भी फायर हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म नहीं है। अगर किसी तीन-चार मंजिल से ऊंची इमारत में कोई बड़ा हादसा होता है, तो विभाग के पास सीधे ऊपर तक पहुंचने का आधुनिक साधन ही मौजूद नहीं है। मथुरा रोड, सासनीगेट निवासी संजीव कुमार कौशिक ने अग्निशमन विभाग से बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा और उपकरणों को लेकर चार बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।
आरटीआई में पूछा गया कि अलीगढ़ जिले में वर्तमान में कुल कितने फायर हाइड्रोलिक प्लेटफार्म उपलब्ध हैं और उनकी अधिकतम ऊंचाई कितनी है, तो विभाग ने साफ शब्दों में लिखित जवाब दिया कोई नहीं है। जब आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में निरीक्षण की गई कुल बहुमंजिला रिहायशी इमारतों की संख्या जाननी चाही, तो विभाग ने आरटीआई कानून की नियमावली का हवाला देते हुए कहा कि अधिनियम के तहत सीधे प्रश्नों के उत्तर देने का प्रावधान नहीं है, केवल कार्यालय में उपलब्ध अभिलेख ही दिए जा सकते हैं।
सस्ता एसी और पीवीसी इंटीरियर पड़ सकता है जान पर भारी
अग्निकांड की घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हम अपने घर और दुकान की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं? विशेषज्ञों का कहना कि थोड़ी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में एसी और इंटीरियर से जुड़ी कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद आवश्यक है।
एसी खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान
- हमेशा अच्छी गुणवत्ता और विश्वसनीय कंपनी का एसी खरीदें।
- सस्ते के लालच में पुराना या सेकंड हैंड एसी खरीदने से बचें
- गर्मी शुरू होने से पहले एसी की सर्विस जरूर कराएं।
- गर्मी खत्म होने के बाद और सर्दी शुरू होने पर भी एसी की सर्विस कराना जरूरी है
- एसी की वायरिंग, एमसीबी और बिजली के कनेक्शन की समय-समय पर जांच कराते रहें।
पीवीसी इंटीरियर : खूबसूरती के साथ बड़ा खतरा भी
आजकल घरों, दुकानों और कोचिंग सेंटरों में पीवीसी पैनल से इंटीरियर कराने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन आग लगने की स्थिति में यही पीवीसी पैनल तेजी से लपटों को फैलाते हैं और जहरीला धुआं पैदा कर सकते हैं। इससे लोगों के बाहर निकलने का समय नहीं मिल पाता। केवल आकर्षक लुक के लिए ऐसे ज्वलनशील इंटीरियर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।