फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AMU: एएमयू भले ही मौन, अब आगे गिरफ्तार होंगे कौन, गिरफ्तारी का क्रम जारी रहने के संकेत

Sun, 12 Nov 2023 03:31 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अब रडार पर कौन होगा? इस सवाल का जवाब तो एटीएस के पास है। मगर सबसे खास बात है कि एएमयू पूरे मामले में अभी तक मौन है। न तो पकड़े जा रहे छात्रों पर कोई एक्शन हो रहा और न एएमयू में सक्रिय छात्रों के इस संगठन पर कोई कदम उठाया जा रहा है।  
विज्ञापन
एएमयू - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पुणे माड्यूल्स के गिरफ्तार सरगना शाहनवाज ने आतंकी संगठन आईएस से पढ़े लिखे नौजवानों को जोड़ने नेटवर्क अलीगढ़ में ही रहकर खड़ा किया था। उसी क्रम में लगातार ये गिरफ्तारियां हो रही हैं। आगे भी गिरफ्तारी होने के संकेत हैं। अब रडार पर कौन होगा? इस सवाल का जवाब तो एटीएस के पास है। मगर सबसे खास बात है कि एएमयू पूरे मामले में अभी तक मौन है। न तो पकड़े जा रहे छात्रों पर कोई एक्शन हो रहा और न एएमयू में सक्रिय छात्रों के इस संगठन पर कोई कदम उठाया जा रहा है।  

विज्ञापन


अब तक ये हुईं एएमयू से जुड़ी गिरफ्तारी 
इसकी शुरुआत झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले एएमयू के स्नातक छात्र की गिरफ्तारी से हुई। इसके बाद उसका साथी महाराजगंज से दबोचा गया। फिर पुणे माड्यूल्स के शाहनवाज आदि पकड़े गए। उनसे पूछताछ के बाद एटीएस ने तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पिछले दिनों अब्दुल्ला अर्सलान, माज बिन तारिक व वजीउउ्दीन को दबोचा। ये तीनों एएमयू के छात्र हैं। इन पर दर्ज मुकदमे में अभी वीएम हॉल में रहने वाले अब्दुल समद, फैजान अख्तियार, बटला हाउस दिल्ली के अरशद वारसी व प्रयागराज के रिजवान अशरफ व कुछ अज्ञातों का नाम शामिल है। जिनकी तलाश में एटीएस लगातार भागदौड़ कर रही है। इन सब के विषय में उजागर हुआ है कि शाहनवाज ने ही इन्हें एएमयू में सक्रिय रहकर आईएस से जुड़वाया है।

पत्नी संग शहर में रहकर बच्चों को पढ़ाता राकिब 
अब एटीएस द्वारा जिन चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। वैसे तो ये चारों अलीगढ़ से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में तीन को संभल से और एक राकिब को अलीगढ़ से पकड़ा गया है। मगर इनका अलीगढ़ से नाता बरकरार है। एएमयू के ही छात्र संगठन के जरिये सभी आपस में और आईएस के संपर्क में आए हैं। वर्तमान में राकिब अपनी पत्नी के साथ यहां किराये पर रहकर किसी निजी कॉलेज में बच्चों को पढ़ाने का काम करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

शारीरिक व मानसिक तौर पर हो रही थी घटना की तैयारी

देश में शरिया कानून लागू करने के मकसद से यह ग्रुप हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा है। नए पढ़े लिखे युवकों को संगठन से जोड़कर शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रदेश में बड़ी घटना कराने की तैयारी हो रही है। इसी क्रम में इनके पास से मिले प्रपत्र, इलेक्ट्रानिक उपकरणों से ऐसे साक्ष्य मिल रहे हैं।

बैठकों में होता था नए लोगों को जोड़ने का काम
एमएयू में पढ़ाई करने के साथ ही ये आतंकी छात्र संगठन स्टूडेंट ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय  (एसएएमयू) से भी जुड़े थे। इस संगठन की बैठकों के जरिए भी एक दूसरे से संपर्क करके नए लोगों को आईएसआईएस से जोड़ने का काम कर रहे थे। देश और प्रदेश के देश व प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे थे। इसके लिए वह युवाओं की टीम भी तैयार कर रहे थे। अलीगढ़ के अलावा प्रदेश के कई शहरों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है। एटीएस सूत्र बताते हैं कि जो नाम इस मुकदमे में हैं, उनकी तलाश है। इसके अलावा इनसे जुड़े व इनके संपर्क के अन्य लोगों को भी सरगर्मी से तलाशा जा रहा है। आगे और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं। 

पकड़े गए, पर भी एएमयू ने नहीं की कार्रवाई
एएमयू स्तर से अभी तक उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की, जो एएमयू के छात्र हैं और लगातार इनकी गिरफ्तारी हुई हैं। हर बार की तरह एएमयू एक ही बात कहती है कि अभी तक उन्हें लिखित में कोई जानकारी नहीं मिली है।

इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। एजेंसियां सक्रिय हैं। जो भी मदद एजेंसियों के स्तर से मांगी जा रही है, वह की जा रही है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें