संसद के शीतकालीन सत्र में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग को लेकर हिंदूवादी संगठनों का दिल्ली कूच शनिवार देर रात से शुरू हो गया। कई बसों और छोटे वाहनों से कार्यकर्ता रात को ही दिल्ली रवाना होने लगे। हालांकि बड़ी संख्या में रवानगी रविवार सुबह छह बजे से शुरू होगी क्योंकि रामलीला मैदान दिल्ली में रविवार को होने वाली धर्मसभा सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम तक चलेगी।
दिल्ली जाने के लिए बसों का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से नाराज हुए संघ के पदाधिकारियों और भाजपा नेताओं ने शनिवार शाम को नुमाइश गेस्ट हाउस में हंगामा कर दिया। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता से लेते हुए आरटीओ राधेश्याम और रोडवेज आरएम जेड ए नोमानी को बसों की व्यवस्था के लिए भेजा। काफी देर तक हुज्जत के बाद रोडवेज की अनुबंधित बसों को दिल्ली जाने के लिए लगाया गया। इसके अलावा कुछ प्राइवेट बसों की भी व्यवस्था हुई।
रात में रवाना हुई बसों से सुबह भी कार्यकर्ताओं को पहुंचाने की योजना बनी। ये बसें दूसरा चक्कर सुबह लगाएंगी। श्रीराम मंदिर आंदोलन के विभाग समन्वयक अरुण कुमार ने बताया कि शनिवार शाम से ही कार्यकर्ता धर्म सभा को लेकर जबरदस्त उत्साहित हैं। इसलिए कई स्थानों पर भीड़ हो गई। नुमाइश मैदान स्थित गेस्ट हाउस में भी इन्हीं कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हुई थी। बसों को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई है। प्रशासन ने पूरा सहयोग किया है।
इधर, शौर्य दिवस/काला दिवस (छह दिसंबर) और बुलंदशहर कांड को लेकर जनपद में जारी अलर्ट लागू है। दिल्ली कूच के मद्देनजर प्रशासन हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए है। सांप्रदायिक दृष्टि से अति संवेदनशील अलीगढ़ महानगर को सुरक्षा की दृष्टि से छह जोन में बांट कर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ऊपरकोट जामा मस्जिद, मिश्रित आबादी वाले इलाके, प्रमुख चौराहे, भीड़भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों पर भी चौकसी बढ़ाई गई है। शासन के मुख्य सचिव ने भी गत दिवस वीडियो कांफ्रेंसिंग कर गोकशी और दिल्ली कूच कार्यक्रम पर नजर रखने को कहा।
सुरक्षा पर पैनी नजर : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि हिंदूवादी संगठनों के दिल्ली कूच पर नजर है। महानगर को छह जोन में बांटा गया है। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाके ऊपरकोट, मामू भांजा, रसलगंज, सराय सुलतानी, सराय हकीम, मदारगेट, देहलीगेट, दही वाली गली, अब्दुल करीम चौराहा, कनवरीगंज समेत 26 अति संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ा पहरा है। सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम एवं एसीएम द्वितीय के साथ सीओ, एसओ की भी जिम्मेदारी तय है, खुफिया तंत्र भी सक्रिय है।
अफवाहों पर है नजर : एसएसपी
एसएसपी अजय कुमार साहनी ने अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अफवाह फैलाता है तो इसकी खबर दें अविलंब कार्रवाई होगी। रामलीला मैदान अचलताल पर पीएसी तैनात है। आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी के निर्देश दिये गए हैं ताकि कहीं कोई व्यवधान न हो सके।
15000 कार्यकर्ताओं को 180 स्थानों से दिल्ली पहुंचाएंगी 250 बसें
दिल्ली कूच के लिए जिले के तयशुदा 180 स्थानों से बसों की रवानगी शनिवार रात से रविवार सुबह तक होती रही। कुछ बसों को रात को ही रवाना कर दिया ताकि जरूरत पड़ने पर उनका दूसरा चक्कर लगवाया जा सके क्योंकि सहालग के कारण बसों की किल्लत सामने आ रही थी। जो बसें शनिवार रात को कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले गई उनमें से कुछ बसें रविवार सुबह भी दिल्ली गईं। इन्हीं बसों से कार्यकर्ताओं की वापसी रविवार देर शाम तक होगी।
दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित धर्म सभा में जनपद से 15 हजार से अधिक लोगों को ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तकरीबन 250 बसें एवं 350 वाहनों के इंतजाम किये गये हैं। श्रीराम मंदिर आंदोलन के विभाग समन्वयक अरुण कुमार ने बताया कि जनपद में 180 केंद्र बनाए गए हैं, जहां बसें रवाना हुई हैं। हरेक बस में एक बस प्रमुख एवं एक सहयोगी होगा। 5 बसों पर एक उप खंड संयोजक बनाए गए हैं।