प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह दस बजे के आसपास दोनों पक्षों में जब झगड़ा शुुरू हुआ तो मारपीट के बीच ईंट पत्थर चले। तब एक बार तो दोनों पक्षों के लोग नाले तक में गिर गए। बाद में जब वे बाहर आए, तब फायरिंग से दोनों के गोली लग गई। इस पर घायलों को मोहल्ले के लोग पहले एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
हत्या के बाद इलाके में हथियार लहराकर दी धमकी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्या के बाद आरोपियों ने पहले अपने घर जाकर नाले में गिरने के कारण गीले होने पर कपड़े बदले थे। इसके बाद बाहर आकर हथियार लहराकर यह धमकी दी कि अब कोई आगे आया तो उसका भी यही अंजाम होगा। इसके बाद वे भाग गए।
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मेडिकल पहुंचकर दी पुलिस को खबर
इस हत्या के एक घंटे बाद पुलिस को मेडिकल कॉलेज से खबर दी गई। घटना के बाद आरोपी मोहल्ले में घूमकर धमकी देते रहे। इसलिए कोई पुलिस को सूचना देने की हिमाकत नहीं कर सका।वहीं घायल पक्ष अस्पताल पहुंचने को प्रयासरत रहा। मेडिकल पहुंचने पर पुलिस को इस हत्या की खबर मिली।
इस हत्या के बाद परिवार या रिश्तेदार पुरुष तो प्रवेश के इलाज व सोनू के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में लगे रहे। मगर यशोदा के मायके व अन्य रिश्तेदारियों से आईं महिलाओं ने दोपहर करीब ढाई बजे मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने खुद बांस बल्ली, पाइप आदि लेकर बाईपास पर जाम लगा दिया। हालांकि पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करती रही। मगर महिलाओं के गुस्से के आगे पुलिस शांत रही। बाद में सीओ तृतीय सर्वम सिंह सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने महिला पुलिस संग प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं से बात कर समझाने का प्रयास किया। मगर वह संपत्ति में हिस्सा व आरोपियों को पकडऩे की जिद पर अड़ी रहीं। उनका कहना था कि सोनू के बेटे व कृष्णगोपाल के नाम पहले संपत्ति कराई जाए। तब जाकर खुलेगा।
पोस्टमार्टम से अंतिम संस्कार तक लगी रही पुलिस
देर शाम तक शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। मगर शाम को लगे जाम के बाद पुलिस इलाके में लगा दी गई थी। ताकि पोस्टमार्टम के बाद मोहल्ले में शव पहुंचने पर कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।