माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की काफी कमी है। शिक्षकों के न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सृजित पदों के मुकाबले प्रवक्ताओं, सहायक अध्यापकों, प्रधानाध्यपकों, प्रधानाचार्यों के कुल 2795 में से 849 पद रिक्त हैं। इन विद्यालयों में तकरीबन दो लाख से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं।
जिले में 94 सहायता प्राप्त विद्यालय, 35 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 624 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय हैं। वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर शिक्षक रखे जाते हैं। इन विद्यालयों को सरकारी मदद नहीं मिलती है, जबकि सहायता प्राप्त व राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शासन से निर्धारित वेतन पर शिक्षकों की तैनाती होती है। राजकीय विद्यालयों में 177 प्रवक्ताओं की जरूरत है। इसी तरह सहायता प्राप्त विद्यालय में 483 सहायक अध्यापकों सहित अन्य पदों पर भर्ती होने की आवश्यकता है।
राजकीय विद्यालयों की स्थिति
पद प्रवक्ता सहा. अध्यापक प्रधानाचार्य प्रधानाध्यापक
सृजित 227 306 23 11
कार्यरत 50 210 06 09
रिक्त 177 96 17 02
सहायता प्राप्त विद्यालयों की स्थिति
पद प्रवक्ता सहा. अध्यापक प्रधानाचार्य
सृजित 470 1665 93
कार्यरत 397 1182 92
रिक्त 73 483 01
राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयोें में माध्यमिक शिक्षा आयोग से शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
- डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डीआईओएस