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Aligarh: होटल संचालक व उसके दोस्त की हत्या में फरार शूटर दो साथियों सहित गिरफ्तार, थाने में रोते रहे आरोपी

Mon, 29 Dec 2025 10:58 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

सोमना रोड के गांव उदयपुर के पास 25 दिसंबर की शाम एक कार में दो शव मिले थे। कार नंबर के आधार पर दोनों की पहचान बन्नादेवी के गांव ताजपुर रसूलपुर के होटल संचालक बॉबी व उसके गांव के ही दोस्त मोहित के शवों के रूप में हुई थी।
 
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पकड़े गए तीनों आरोपी - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर के खेरेश्वर हाईवे बाईपास के ओयो होटल संचालक बॉबी व उसके दोस्त मोहित की हत्या के मुख्य आरोपी शूटर हरीश व उसके दो साथी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए हैं। हरीश ने ही होटल संचालक बॉबी के दोस्त धर्मेंद्र के कहने पर बॉबी व मोहित की हत्या की थी। आरोपियों से हथियार, नकदी के अलावा होटल संचालक के मोबाइल भी मिले हैं।

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सीओ खैर वरुण सिंह के अनुसार सोमना रोड के गांव उदयपुर के पास 25 दिसंबर की शाम एक कार में दो शव मिले थे। कार नंबर के आधार पर दोनों की पहचान बन्नादेवी के गांव ताजपुर रसूलपुर के होटल संचालक बॉबी व उसके गांव के ही दोस्त मोहित के शवों के रूप में हुई थी।

घटना की जांच में पुलिस ने लोधा के गांव जिरौली डोर के धर्मेंद्र उर्फ धलुआ व बौस प्रताप सिंह उर्फ देव को पकड़ा था, जिसमें धर्मेंद्र ने जुए की रकम हारने पर हुए कर्ज से बचने के लिए अपने दोस्त देव की मदद से किनवासा गोंडा के हरीश से दोनों की हत्या कराना स्वीकारा था। साथ में बताया कि हरीश अपने साथ दो अन्य युवकों को लाया था। इधर, पुलिस इस घटना में फरार हरीश को तलाश रही थी। तभी सोमवार को पटपर नगला नहर पुल गोंडा रोड से हरीश व उसके सहयोगी चंडौस दौरऊ के अभिषेक उर्फ चहल व शिवम को दबोच लिया।

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इनकी निशानदेही से घटना में प्रयुक्त पिस्टल, चार कारतूस, मृत बॉबी की सोने की जंजीर, अभिषेक से मृतक बॉबी व मोहित के मोबाइल, खुद का मोबाइल व शिवम से दस हजार रुपये बरामद किए गए। घटना में हरीश ने हत्या करना स्वीकारा, जबकि अभिषेक व शिवम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बाइक से उसे ले जाने में मदद की थी।
थाने में रोते रहे अभिषेक व शिवम 
हरीश के साथ अभिषेक व शिवम को गिरफ्तार कर जब थाने लाया गया तो दोनों ने रोना शुरू किया। जेल जाते वक्त तक दोनों रोते रहे। दोनों के परिजन भी कोतवाली के बाहर बेहद दुखी थे। उनकी आंखों में भी आंसू नहीं रुक पा रहे थे। परिजनों की मानें तो हरीश शातिर अपराधी है। वह 25 दिसंबर को बाइक से दौरऊ आया था। तभी इंटर में पढ़ रहे दोनों युवकों को पार्टी कराने के नाम पर उदयपुर ले गया। जहां कार में बॉबी व मोहित के शव पड़े थे। धर्मेन्द्र व बौस प्रताप सिंह कार के बाहर खड़े थे। कार में लाश देख दोनों वहां से भाग खड़े हुए।
 
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