एसओ अंकित सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर पुलिस घटना के दिन बाइक चला रहे राजुल तक पहुंची। थाने लाकर राजुल से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि जेपी हिंदुस्तानी ने एक अस्पताल शिकायत की थी। मोहित के मामा उस अस्पताल में पार्टनर हैं। घटना वाले दिन भी जेपी हिंदुस्तानी ने अस्पताल की शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की थी। मोहित उसे धमकाने व डराने के इरादे से गया था। बाइक राजुल चला रहा था। देखा कि जेपी हिंदुस्तानी अपनी गाड़ी में बैठा है उसे डराने के इरादे से चलती बाइक से मोहित ने गोली चला दी। इससे क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।
एसओ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस तभी से हमलावरों की तलाश में थी। राजुल व मोहित को भी आभास हो गया था कि पुलिस उन तक पहुंचने वाली है इसीलिए वह लगातार लोकेशन बदल रहे थे। सोमवार सुबह चैंडौली के निकट राजुल पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी मोहित की तलाश में पुलिस जुटी है। उसके पकड़े जाने के बाद ही घटना की असल वजह और कहानी पता चलेगी। राजुल अपराधी किस्म का है। उसके खिलाफ हरदुआगंज थाने में छह मुकदमा पंजीकृत हैं।
एक आरोपी जेल भेज दिया गया है। दूसरे की तलाश में पुलिस जुटी है। आपसी टशन में गोली चलाने की बात सामने आई है। असल वजह दूसरे आरोपी को पकड़े जाने पर ही सामने आएगी। - राजीव द्विवेदी, सीओ