महानगर की गांधीपार्क पुलिस को वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक होमगार्ड की हत्या के इरादे से आए दिल्ली के दो शूटर गिरफ्तार किए हैं, जिनके पास से होमगार्ड के घर का नक्शा व हथियार बरामद हुए हैं। दोनों ने स्वीकारा है कि तिहाड़ जेल में निरुद्ध भानु प्रताप ने उन्हें यह काम सौंपा था। अब भानू की होमगार्ड से क्या रंजिश है, यह उन्हें नहीं मालूम। पुलिस होमगार्ड के एक पड़ोसी को रडार पर लेकर आगे की जांच कर रही है।
सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह के अनुसार इंस्पेक्टर गांधीपार्क मणिकांत शर्मा अपनी टीम के साथ बुधवार देर रात एटा रोड पर कमालपुर के पास वाहन चेकिंग के दौरान एक होंडा कार संख्या डीएल-सीएफ 2998 को रोकने का प्रयास किया। मगर उसमें सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस मुठभेड़ के बाद दोनों को दबोच लिया गया। उनके पास तलाशी के दौरान थाना क्षेत्र के पला फाटक इलाके में रहने वाले एक होमगार्ड के मकान के अंदर व बाहर का नक्शा बरामद हुआ। हाथ से बने इस नक्शे में इस मकान तक जाने, अंदर प्रवेश करने और बाहर निकलने तक का उल्लेख था। यह देख पुलिस का माथा ठनक गया। थाने लाकर हुई पूछताछ में उन्होंने स्वीकारा कि इस घर में रहने वाले होमगार्ड की हत्या के इरादे से ही वे लोग आए हैं।
पूछताछ में उन्होंने अपने नाम सोनू सिंह लुवाना उर्फ शंकर निवासी विष्णु गार्डन ख्याला गली -6 बी 01/62 नियर मान पब्लिक स्कूल थाना ख्याला, दिल्ली व मोनू उर्फ दीपक निवासी पी-1/35 रोहिनी सेक्टर 04-डीडीए फ्लैट थाना विजय विहार सेक्टर-01 दिल्ली बताया। उन्होंने बताया कि हाल ही में वे दिल्ली तिहाड़ जेल से छूटे हैं और जेल में निरुद्ध भानु प्रताप के लिए काम करते हैं। भानु प्रताप ने ही उन्हें होमगार्ड की हत्या का जिम्मा सौंपा था। सीओ ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि होमगार्ड की भानु प्रताप से क्या रंजिश है। उसने किसके कहने पर यह काम उन्हें सौंपा। हां, एक पड़ोसी जरूर संदेह के घेरे में आया है, जिससे होमगार्ड के परिवार का कुछ समय पहले झगड़ा हुआ था। उस झगड़े में होमगार्ड परिवार ने पड़ोसी परिवार की पिटाई कर दी थी। पड़ोसी परिवार का दिल्ली आना जाना भी है। उसके एक परिवार के सदस्य के विषय में जानकारी मिल रही है कि वह भी तिहाड़ जेल में है। अंदेशा है कि उसी के जरिये यह हत्या होना तय हुआ हो। फिलहाल उस पड़ोसी को रडार पर लेकर जांच की जा रही है। पकड़े गए दोनों अपराधियों को जेल भेजा गया है। उनके पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, नक्शा, कुछ नकदी, तीन पेचकश, एक प्लास व पांच चाभियों के अलावा कार बरामद हुई है।
बताया था इंस्पेक्टर का घर मिलेगा बहुत माल
दोनों शूटरों ने पुलिस पूछताछ में सुपारी की कीमत के सवाल पर बताया कि उन्हें नक्शा देकर काम सौंपते समय यह बताया गया था कि जिस मकान में यह होमगार्ड रहता है। वह किसी पुलिस इंस्पेक्टर का मकान है। उसमें होमगार्ड सिर्फ बतौर चौकीदारी रहता है। उस मकान में कई लाख का सोना मिलेगा, उसमें आप लोग डकैती डालकर आओगे और हत्या करके आगोगे। जो माल मिले, उसे खुद ही रख लेना। इसी लालच में यह लोग इस कांड को अंजाम देने आ गए थे। मगर उन्हें यहां आकर ही पता चला कि मकान किसी इंस्पेक्टर का नहीं, बल्कि खुद उसी होमगार्ड का है।
दिल्ली-हरियाणा में लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास
सीओ ने बताया कि दोनों अपराधियों का दिल्ली व हरियाणा में लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। यह दोनों वहां घरों में डकैती डालने व लूटपाट करने की घटनाएं करते आए हैं। अब तक की जांच के अनुसार एक एक दर्जन अपराध उन पर दर्ज हैं। यह क्राइम रिकार्ड दिल्ली व हरियाणा पुलिस से मांगा गया है। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।