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Aligarh News: निकायों में बसपा को झटका...भाजपा-कांग्रेस को बड़ी राहत

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निकाय चुनाव में नाम वापसी का दिन बसपा के लिए झटका देने वाला और भाजपा व कांग्रेस के लिए राहत भरा रहा है। नगर निगम अलीगढ़ में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार आगा यूनुस ने नाम वापस ले लिया। वहीं पार्षद की दो सीटों पर बागियों के नाम वापसी के बाद कुल पांच सीटों पर भाजपा पार्षदों का निर्विरोध निर्वाचन अंतिम चरण में पहुंच गया। वहीं खैर चेयरमैन पद पर बसपा के अधिकृत प्रत्याशी आनंद शर्मा ने नाम वापस लेकर पार्टी को तगड़ा झटका दिया है। इसके अलावा जिले की कई नगर पंचायतों पर भी भाजपा अपने बागियों का नाम वापस कराने में सफल रही है।
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देर शाम तक मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम में कांग्रेस के दावेदारों की सूची में शामिल आगा यूनुस ने टिकट न मिलने पर निर्दल नामांकन किया था। पार्टी पदाधिकारियों व शीर्ष नेतृत्व के समझाने पर उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसी तरह नामांकन न होने व नामांकन पत्रों की जांच में अब तक पार्षद पद पर भाजपा के तीन प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचन की राह पर थे। मगर
नाम वापसी के बाद यह संख्या पांच हो गई है। इस तरह नामांकन न होने पर नगर निगम के वार्ड 17, 18 व 58 में अब तक निर्विरोध निर्वाचन तय था। वहीं अब वार्ड कनवरीगंज के वार्ड 37 में कई बार के पार्षद कुलदीप पांडेय के सामने नामांकन करने वाले बागी ने और बेगमबाग के वार्ड 76 में दो बार की पार्षद दीपू शर्मा के सामने नामांकन करने वाले बागी ने नाम वापस लिया है। इस तरह कुलदीप पांडेय व दीपू शर्मा का भी निर्विरोध निर्वाचन तय है। इन पांचों के निर्विरोध निर्वाचन की घोषण निर्वाचन अधिकारी के द्वारा शुक्रवार को चुनाव चिह्न आवंटन के बाद की जा सकती है।
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इधर, भाजपा में छर्रा सीट पर पूर्व चेयरमैन हरीशचंद्र के परिवार की महिला सहित पार्टी के ही मुकेश माहेश्वरी, गीता महाजन आदि के नामांकन पार्टी जिलाध्यक्ष व विधायक के प्रयास से वापस हुए हैं। बरौली में जिला पंचायत अध्यक्ष के भाई मोमराज की पत्नी, मनोज ततारगढ़ी, राजेश टिंकू, बालकिशन बौहरे ने पार्टी नेताओं के प्रयास से नामांकन वापस लिया है। गभाना नगर पंचायत में भी दो नामांकन वापस हुए हैं और अतरौली में भी एक खफा नेता का नामांकन वापस हुआ है। इस तरह इन चारों सीटों पर पार्टी के बागियों को मनाने में नेता कामयाब रहे हैं। सबसे बड़ा नुकसान खैर चेयरमैद पद पर बसपा को हुआ है।

जहां बसपा के अधिकृत प्रत्याशी आनंद शर्मा ने सबसे बड़ा झटका पार्टी को दिया है। यहां बसपा ने आनंद शर्मा को अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। वहीं उनके भाई संजय शर्मा आम आदमी पार्टी से लंबे समय से तैयारी कर रहे थे और उन्होंने भी नामांकन किया। मगर आनंद शर्मा ने नाम वापसी के ऐन वक्त पर अपना नामांकन वापस ले लिया। माना जा रहा है कि उन्होंने अपने भाई को लाभ दिलाने के इरादे से साजिश के तहत बसपा से धन बल के आधार पर पहले टिकट ली और अपने भाई को ही लाभ दिलाने के इरादे से ऐन वक्त पर नामांकन वापस लिया है। खुद इस फैसले पर पार्टी हैरान है। अभी तक इस मामले में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इस विषय में बसपा जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्रा इतना ही कहते हैं कि चूंकि भरोसे के साथ टिकट दिया गया था। वह दूसरी निकायों में व्यस्त रहे। इसलिए ध्यान नहीं दे सके। यह सब किसी न किसी साजिश व सत्ताधारी के दबाव का हिस्सा प्रतीत होता है।


90 में से अब सिर्फ 85 पर होगा चुनाव

नगर निगम में 90 में से सर्वाधिक 88 वार्ड पर भाजपा ने प्रत्याशी खड़े किए थे। बाकी में निर्दल, सपा, बसपा व कांग्रेस के प्रत्याशी काफी संख्या में रहे हैं। इनमें से 5 वार्ड पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। इनमें वार्ड 17 पर महावीर प्रसाद, 18 पर माहौर, 58 पर अनिल सेंगर, 37 पर कुलदीप पांडेय, 76 पर दीपू शर्मा का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। इस तरह महानगर के 85 वार्ड पर अब
पार्षद के लिए मतदान होगा।


नाम वापसी न होने पर पदाधिकारी-जनप्रतिनिधि की प्रतिष्ठा

भाजपा संगठन ने तय कर दिया था कि जिन पदों पर बागी चुनाव में नहीं बैठते हैं। उसके लिए इलाके के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि जिम्मेदार होंगे। इसी क्रम में भाजपा के वार्ड 39 से भाजपा के संगठन प्रभारी विनय वाष्र्णेय ने दो नामांकन वापस कराए हैं। इनमें एक कांग्रेस से व एक निर्दल है। इस तरह वहां अब दो प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। जिनमें एक भाजपा व एक सपा से है।

कांग्रेस ने भाजपा के चुनाव कार्यालय पर खड़े किए सवाल
अलीगढ़। नाम वापसी की प्रक्रिया से ऐन पहले कांग्रेस के निकाय चुनाव प्रभारी कौशलेंद्र यादव ने प्रेसवार्ता में यह ऐलान किया कि पार्टी हाईकमान के समझाने पर पार्टी के बागी आगा यूनुस मान गए हैं। वे नाम वापस लेने को तैयार हैं। वहीं उन्होंने भाजपा के रामलीला मैदान जैसे धर्म स्थल पर चुनाव कार्यालय खोले जाने पर सवाल खड़ा किया। कहा कि इस मामले में चुनाव आयोग को लिखित
शिकायत की गई है। यहां जीटी रोड के होटल में प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी ने निकाय चुनाव प्रभारी बनाकर भेजा है। इसके लिए वे लगातार मेहनत कर रहे हैं और एक-एक कार्यकर्ता के घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। उसी का नतीजा है कि निकाय चुनाव में हम बेहतर परिणाम लाकर देंगे। उन्होंने यहां भाजपा द्वारा रामलीला मैदान जैसे स्थान पर चुनाव कार्यालय पर सवाल खड़ा किया। साथ में कहा कि टिकट न मिलने से गुस्से में आए आगा यूनुस ने नामांकन किया था। मगर हाईकमान से हुई वार्ता के बाद वे नाम वापसी को तैयार हुए हैं। हम यह चुनाव जीतने जा रहे हैं। इस चुनाव के लिए उन्होंने पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए शुद्ध पेयजल, पार्क सौंदर्यीकरण, इंदिरा कैंटीन, पुस्तकालय, आवारा जानवरों के प्रतिबंध, सफाई, जलभराव आदि के निदान जैसे विषय की घोषणा की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रतिमा सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर शर्मा, डा.ऋचा शर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष अजय शर्मा, युवा जिलाध्यक्ष रूपेश पाठक, माजिन जैदी, तल्हा अबरार आदि मौजूद रहे।
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