वीएम हॉल में गूंजा था मशहूर गीत
एएमयू का वकार-उल-मुल्क (वीएम) हॉल भी फिल्मी इतिहास की यादें समेटे हुए है। फिल्म मेरे महबूब के चर्चित गीत मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम की शूटिंग को यूनिवर्सिटी के इतिहास से जोड़कर याद किया जाता है। गीत और फिल्म की लोकप्रियता ने एएमयू की पहचान को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया। यूनिवर्सिटी के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि फिल्म में यूनिवर्सिटी को चुनने के पीछे यहां की तहजीब, नफासत और अदबी माहौल था।
शकील बदायूंनी का योगदान
सीईसी के पूर्व समन्वयक डॉ. एफएस शीरानी ने बताया कि मेरे महबूब का गीत शकील बदायूंनी ने लिखा था, जो संयोग से इसी यूनिवर्सिटी के छात्र थे। मशहूर फिल्मकार के. आसिफ भी एएमयू आए थे। उन्होंने सर सैयद अहमद खान की मजार पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। उनके साथ पृथ्वीराज कपूर भी थे।
चुनावी गलियारों में फिर दिखेगी पुरानी शान
आठ साल बाद छात्रसंघ चुनाव के बहाने यूनिवर्सिटी में शेरवानी की परंपरा एक बार फिर चर्चा में है। प्रत्याशियों का शेरवानी पहनकर प्रचार करना कैंपस की पुरानी तस्वीरों को जीवंत करेगा। कभी इसी पहनावे में राजेंद्र कुमार ने बड़े पर्दे पर एएमयू के छात्र अनवर को यादगार बनाया था। अब छात्रसंघ चुनाव के दौरान यही लिबास विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति, पहचान और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनकर नजर आएगा।