फीता काटकर शेखाझील को खोलने का शुभारंभ करतीं डीएम सेल्वा कुमारी जे
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डेढ़ साल से बंद पड़ी शेखाझील शुक्रवार की दोपहर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे के फीता काटते ही आमजन के लिए खुल गई। गेट से प्रवेश करते ही कमल पुष्प देखकर डीएम ने प्रसन्नता जताई। झील के संरक्षण और बेहतरी के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। विद्यार्थियों को प्रकृति की सुरक्षा एवं संरक्षण की जिम्मेदारी समझाकर संकल्प लेने के लिए कहा गया।
जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि जल्द ही सीडीओ और डीएफओ के साथ बैठक कर झील के विकास के लिए कार्य योजना बनाई जायेगी। नमामि गंगे योजना से शेखाझील समेत जिले के 40 वेटलैंड को संरक्षित किया जायेगा।
विद्यार्थियों को प्रकृति के दोहन पर खतरे की घंटी बताते हुए प्रकृति की सुरक्षा व संरक्षण का संकल्प दिलाया। स्कूल-कॉलेज छोड़कर शेखाझील न घूमने की सलाह भी दी गई। सीडीओ अंकित खंडेलवाल व डीएफओ दिवाकर कुमार वशिष्ठ ने कहा कि शेखा झील प्रकृति की धरोहर है। इसके ईको सिस्टम को बचाना एवं संरक्षित करना सभी का दायित्व व जिम्मेदारी है। इस दौरान वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने वर्चुअल मीटिंग के जरिए विद्यार्थियों से उनके विचार जाने गए। एसके इंटर कॉलेज जलाली तथा गगन कालेज ऑफ मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इस मौके पर हरीतिमा के अध्यक्ष सुबोध नंदन शर्मा, लियाकत अली, ज्ञानेश शर्मा, डॉ. शंभू दयाल यादव, शशिबाला शर्मा, डॉ. अंशू सक्सेना, भावना आनंद, ललित मोहन, एसडीओ सतीश कुमार, रेंजर अरविंद कुमार, मुकेश कुमार, सर्वेश कुमार, इशाक मोहम्मद मौजूद रहे।