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शीला गौतम इंटर कॉलेज मैनेजमेंट विवाद में भाजपा नेता सहित 6 लोगों पर मुकदमा

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पूर्व भाजपा सांसद स्व. शीला गौतम के नाम से उनके पैतृक गांव बीरपुरा में संचालित श्रीमती शीला गौतम कन्या इंटर कॉलेज के मैनेजमेंट विवाद में वर्ष 2005 में तैयार किया गया तत्कालीन समिति प्रबंधक/महासचिव का त्याग पत्र विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में फर्जी करार दिया गया है।

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इसके आधार पर अब तत्कालीन महासचिव कामेश गौतम ने मैनेजमेंट से जुड़े भाजपा नेता मानवेंद्र प्रताप सिंह सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। थाना पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर यह मुकदमा दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

मूल रूप से बीरपुरा हाल निवासी ज्ञान सरोवर, क्वार्सी निवासी कामेश कुमार गौतम की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि अखिल भारती जन कल्याण समिति ज्ञान सरोवर अलीगढ़ के नाम से पंजीकृत सोसाइटी के तहत श्रीमती शीला गौतम कन्या इंटर कॉलेज बीरपुरा में संचालित है। इसके वह संस्थापक प्रबंधक हैं।
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आरोप के अनुसार, मुकदमे में नामजद किए गए विजय बल्लभ गौतम निवासी ज्ञान सरोवर, रामवीर शर्मा निवासी निरंजनपुरी, प्रहलाद स्वरूप लवानिया निवासी आईटीआई रोड, मानवेंद्र प्रताप सिंह निवासी सुरेंद्र नगर, झम्मनलाल गौतम निवासी नयेला खैर, सुखदेव गर्ग निवासी छोटा चौराहा खैर आदि इस समिति में सदस्य हैं। इन लोगों ने एक साजिश के तहत 14 अगस्त 2005 को कामेश का महासचिव पद से एक फर्जी त्याग पत्र तैयार कराकर चुनाव कराते हुए पूर्व सांसद शीला गौतम को समिति का महासचिव बना दिया।

इस मामले का जब उन्हें संज्ञान हुआ तो उन्होंने चिट फंड सोसाइटी में शिकायत की। मगर उनकी शिकायत को खारिज कर दिया गया। इसके बाद वह लगातार पैरवी करते रहे तो 2017 में उनके त्यागपत्र को चिट फंड सोसाइटी अधिकारियों ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा। प्रयोगशाला ने फरवरी 2018 में त्याग पत्र को फर्जी करार दिया है।

उनके नमूना हस्ताक्षर को फर्जी करार दिया है। साथ ही इस परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मार्च 2019 में चिट फंड सोसाइटी कार्यालय ने विपक्षीगण के खिलाफ आदेश जारी किया है। इससे साफ है कि वह फर्जी त्याग पत्र लगाकर गलत तरीके से चुनाव किया गया। इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर उक्त आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
बता दें कि इस समिति में शीला गौतम भी सदस्य थीं और लंबे समय तक प्रबंधक रहीं। एएसपी/सीओ गभाना शुभम पटेल ने मुकदमा दर्ज किए जाने और जांच जारी होने की पुष्टि की है।

हाईकोर्ट से भी हारे कामेश, पूर्व में भी मुकदमा खारिज हुआ
इस विषय में वर्तमान में विद्या भारती द्वारा संचालित शीला गौतम इंटर कॉलेज समिति के सचिव भाजपा नेता व एमएलसी स्नातक के संभावित प्रत्याशी मानवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि शीला गौतम इस विद्यालय को मन से संचालित करती थीं। उनकी कंपनी की ओर से फंडिंग भी की जाती है।

कामेश विद्यालय पर कब्जा करने की नीयत से करीब डेढ़ दशक से तमाम जतन कर रहे हैं। पूर्व में यह हाईकोर्ट से हार चुके हैं। 2014 में भी एक मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे पुलिस ने एफआर किया है। अब शीला गौतम की मृत्यु के बाद मुकदमा दर्ज कराया है, जो गलत है।

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