असम को विभाजित करने संबंधी बयान देकर देशद्रोह के मुकदमे में फंसे जेएनयू के छात्र शरजिल इमाम की जमानत अर्जी पर आपराधिक रिकार्ड न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब आपराधिक रिकार्ड पेश करने के लिए समय देते हुए 7 दिसंबर की तारीख नियत कर दी गई है।
एएमयू में सीएए विरोधी धरने में शामिल हुए बिहार निवासी जेएनयू छात्र शरजिल इमाम ने विवादित भाषण दिया था। इसका वीडियो वायरल होने पर 26 जनवरी को सिविल लाइंस थाने में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में शरजिल की पैरवी कर रहे अधिवक्ता आले नबी ने बताया कि सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दायर लंबित है। जिस पर न्यायालय ने देशभर में दर्ज आपराधिक मुकदमों का रिकॉर्ड तलब किया है। बृहस्पतिवार को सुनवाई की तारीख नियत थी। मगर क्राइम रिकार्ड नहीं आ सका। इस पर न्यायालय ने अंतिम मौका देते हुए अब 7 दिसंबर तारीख नियत कर दी है।