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शारदीय नवरात्र: आज से, एक घंटा दो मिनट रहेगा द्विपुष्कर योग, शुभ कार्यों का मिलेगा दोगुना फल

Sun, 11 Oct 2026 01:05 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आश्विन मास की प्रतिपदा पर देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग बन रहा है। इसे ज्योतिष में फलदायी योग माना जाता है।
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नवरात्रि मां शैलपुत्री   - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं। कलश स्थापना का मुख्य मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा, जबकि अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:44 बजे से 12:31 बजे तक है। नवरात्र को लेकर शहर से लेकर देहात तक देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भक्तों ने पूर्व संध्या पर बाजारों में व्रत और पूजन सामग्री की खरीदारी की।

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ज्योतिषाचार्य हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे सुख-समृद्धि का शुभ संकेत माना जाता है। आश्विन मास की प्रतिपदा पर देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा की युति से गजकेसरी राजयोग बन रहा है। इसे ज्योतिष में फलदायी योग माना जाता है। उन्होंने बताया कि नवरात्र पर द्विपुष्कर योग भी बन रहा है। इसका समय रात 9:30 बजे से 10:32 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों का दोगुना फल मिलता है।

नौ दिन-नौ रूप

  • पहला दिन - मां शैलपुत्री
  • दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी
  • तीसरा दिन- मां चन्द्रघंटा
  • चौथा दिन- मां कूष्माण्डा
  • पांचवा दिन-स्कंदमाता
  • छठा दिन-मां कात्यायनी
  • सातवां दिन-मां कालरात्रि
  • आठवां दिन-मां महागौरी
  • नौवां दिन-मां सिद्धिदात्री
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