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कासिमपुर पावर हाउस पर पड़ी भ्रष्टाचार की छाया

Sat, 22 Jul 2017 01:31 AM IST
दीपक शर्मा
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हरदुआगंज तापीय परियोजना में बनाया जाता कासिमपुर पावर हाउस। - फोटो : Amar Ujala
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हरदुआगंज तापीय परियोजना (कासिमपुर पावर हाउस) में जापानी कंपनी तोशीबा की ओर से बनाई जा रही नई उत्पादन यूनिट को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप उसके शुरू होने से पहले ही लगने लगा है। नियम है कि यूनिट का स्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए साइट से जो मिट्टी की खुदाई होगी, उसे साइट के 100 मीटर के दायरे में ही डंप किया जाएगा।
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जिससे स्ट्रक्चर को मजबूती मिल सके। लेकिन परियोजना क्षेत्र में दिन के समय तो मिट्टी को 100 मीटर के दायरे में डंप कर दिया जाता है। रात होते ही उसे वहां से डंफर आदि से उठा लिया जाता है। इस तरह लाखों   रुपये की मिट्टी वहां से उठाई जा चुकी है। 

इस पूरे मामले में सूत मील बीमा नगर निवासी ठा. एपी सिंह ने मुख्यमंत्री, यूपीपीसीएल और ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। पत्र में कहा गया है कि इस यूनिट की आधारशिला डेढ़ वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी।
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उस समय कहा गया था कि यह परियोजना बेहद आधुनिक तकनीक से काम करेगी। इसमें ऐश (राख) उड़ेगी नहीं। पत्र में कहा गया कि यूनिट का स्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है। 

इसके लिए काफी खुदाई की जा रही है। खुदाई से निकली मिट्टी को 100 मीटर के दायरे में ही डंप करना अनिवार्य है। जिससे यह मिट्टी जम जाए और इस पर पेड़ पौधे उग आएं। यही मिट्टी स्ट्रक्चर को सपोर्ट करेगी।

लेकिन यहां पर दिन के समय तो नियमानुसार काम होता है और रात के अंधेरे में नियम भी लुप्त हो जाते हैं। जो मिट्टी डंप की जाती है, वह रात को डंफरों से उठा ली जाती है।
तोशीबा की अपनी सुरक्षा है

यूं तो पूरे परियोजना स्थल की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ पर है। लेकिन इस यूनिट के काम की सुरक्षा तोशीबा कंपनी द्वारा अनुबंधित की गई सुरक्षा एजेंसी के हवाले है। तीन गेटों से गुजरकर ही साइट पर पहुंचा जा सकता है।
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