क्वार्सी बाईपास अलाव पर हाथ सेंकते लोग
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चार दिन बाद अलीगढ़ में 5 जनवरी दोपहर धूप निकली तो लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं ने कंपकंपी छुड़ा दी। पिछले तीन वर्षों में इस साल पांच जनवरी के दिन न्यूनतम तापमान में सबसे अधिक गिरावट दर्ज किया गया है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 6.6 और अधिकतम 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा। 6 जनवरी को भी सुबह कोहरे के बाद दोपहर होते-होते धूप निकल आई।
दोपहर में निकली धूप ने खासकर बच्चों और युवाओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी। पार्कों में बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। लोगों ने घर-आंगन और छतों पर बैठकर धूप लिया। एएमयू के मौलाना आजाद लाइब्रेरी के सामने खुले मैदान में विद्यार्थियों ने धूप सेंकते हुए पढ़ाई की। डीएस कॉलेज के भूगोल विभाग के प्रो. अवनीश सिंह ने बताया कि फिलहाल शीतलहर से पूरी राहत मिलने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि आठ से 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। संभावना जताई जा रही है कि हवा 14 किमी प्रति घंटा या उससे भी तेज चल सकती है।
फरवरी तक रहेगी कड़ाके की ठंड
एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी ने बताया कि जिस तरह जनवरी के पहले सप्ताह में ठंड पड़नी चाहिए थी, उस तरह ठंड नहीं पड़ रही है। इसमें जलवायु परिवर्तन का असर देखा जा रहा है। 10 जनवरी के बाद ठंड पड़नी शुरू हो जाएगी। फरवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी।
(5 जनवरी) पांच साल का तापमान
तिथि अधिकतम न्यूनतम
2026 15.8 6.6 डिग्री से.
2025 13 7 डिग्री से.
2024 15.8 11 डिग्री से.
2023 11.6 6.6 डिग्री से.
2022 20 13 डिग्री से.