अजय उर्फ टीपू चार माह पहले अपनी पत्नी के साथ कार से आया था। तब उसने अपने पुराने जर्जर मकान का निर्माण कराया। कई लाख रुपये खर्च कर दो मंजिला मकान बनाया। जिसके लिए गांव के कुछ युवकों की मदद ली। उन्हें रुपये दिए। अब उस मकान में गांव के ही दो युवक किराये पर हैं। जिसमें एक जनसुविधा केंद्र भी संचालित है। अब वह 15 दिन पहले भी गांव आया था। तब उसने परिवार के कुछ लोगों से मुलाकात की और चला गया। इसके विषय में एक जानकारी यह भी ग्रामीणों को है कि उसने गाजियाबाद के कौशाम्बी में भी अपना एक आलीशान मकान बना रखा है। जिसमें परिवार रहता है।
एक महिला साथ आई, बच्चे कभी नहीं आए
ग्रामीण बताते हैं कि अजय समय-समय पर घूमने गांव आता था। उसके साथ हमेशा एक महिला आई। उसे ग्रामीणों के समक्ष पत्नी के रूप में परिचित कराया। हालांकि, बच्चे कभी नहीं आए। अब वह पत्नी ही थी या कोई अन्य महिला थी, इसे लेकर भी ग्रामीण सवाल खड़े कर रहे हैं।