लंबे समय से गैरहाजिर चल रही आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी व सहायिकाओं की सेवाएं समाप्त होंगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी के चिन्हांकन के आदेश जारी कर दिए हैं।
जिले में कुल 3039 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनसे 5 वर्ष तक के एक लाख से अधिक बच्चे व गर्भवती माताएं जुड़ी हुई हैं। कोरोना काल में करीब 11 माह तक बंद रहे आंगनबाड़ी केंद्र हाल ही में खुले हैं, लेकिन इनमें कार्यरत आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के गैरहाजिर रहने से केंद्र संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इस मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार ने पत्र जारी कर गैरहाजिर चल रही आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के चिन्हांकन के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी व सहायिका केंद्र से संबंधित गांव में नहीं रह रही हैं। कुछेक शादी के बाद गांव छोड़कर अन्यत्र रहने लगी हैं। इस वजह से रोजाना आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आ रही हैं। इनकी सेवाएं समाप्त कर नई भर्ती की जाएगी।
500 से अधिक रिक्त पदों पर होगी नई भर्ती
शासन से मंजूरी मिलने के बाद जिले में रिक्त पड़े आंगनबाड़ी व सहायिकाओं के 500 से अधिक पदों पर नई भर्ती शीघ्र होगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताते चले कि शासन के आदेश पर 60 साल या उससे अधिक उम्र की आंगनबाड़ी व सहायिकाओं को सेवानिवृत्त किया गया था। डीपीओ ने बताया कि इन पदों पर शीघ्र भर्तियां होंगी।