स्टॉक मार्केट की दुनिया में 21 जनवरी का दिन ऐतिहासिक रहा। सेंसेक्स 50 हजार के पार चला गया। शेयर मार्केट के जानकार कहते हैं कि ब्लू चिप कंपनियों के शेयर के दाम दोगुने हो गए और बाजार की तरफ संस्थागत विदेशी निवेश भी आकर्षित हुआ। जानकार इसके लिए महामारी के स्तर में गिरावट और वैक्सीन के आ जाने से माहौल के सुधरने का असर बता रहे हैं।
स्टॉक ब्रोकर बृजमोहन कहते हैं कि महामारी के दौरान बाजार की स्थिति बहुत बुरी तरीके से प्रभावित हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे महामारी का प्रकोप कम हुआ वैसे-वैसे बाजार ने कुछ बढ़त हासिल करनी शुरू की। इसी क्रम में 21 जनवरी को एक ऐसी स्थिति आई के संवेदी सूचकांक 50,000 को पार कर गया। यह इस कारण हुआ कि कंपनियों के तिमाही परिणाम अच्छे आ रहे थे। इसको देखते हुए विदेशी संस्थागत निवेश बाजार की तरफ आकर्षित हुआ। इस बीच वैक्सीन का आना भी बहुत सुखद रहा।
ब्रजमोहन कहते हैं कि बाजार की इस बढ़त और मजबूती का लाभ केवल शेयर के खरीदारों को ही नहीं मिलेगा। बल्कि वह लोग जिन्होंने अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया हुआ है उनको भी मिलेगा। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप), म्यूच्यूअल फंड व अन्य वित्तीय योजनाओं के माध्यम से स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वाले मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को भी मजबूत होते मार्केट का सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञ बोले, सावधानी फिर भी जरूरी
शेयर बाजार पिछले 3 माह से लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्तर पर निवेशक को सतर्कता बरतना जरूरी है। सरकार द्वारा एक फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। जिसके कारण बाजार में अगले 15 दिन काफी उतार-चढ़ाव रहने की संभावना है। मेरी निवेशकों को सलाह है कि जिन शेयरों में उनको अच्छा मुनाफा हो रहा हो, उनमें से कम से कम आधे शेयर बेच देने चाहिए और हाथ में कैश लेकर बैठना चाहिए। बजट के दौरान शेयरों को खरीदने के लिए कई मौके आएंगे।
- संजय माहेश्वरी, शेयर निवेश सलाहकार