पेट्रोल, डीजल की बढ़ी कीमतों के विरोध में सोमवार को सपाइयों ने अर्ध नग्न होकर मालवीय पुस्तकालय से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी की। सपाइयों ने कुर्ता और टीशर्ट वगैरह मालवीय पुस्तकालय पर उतार कर अपने वाहनों में रख दी थी, इसके बाद वह केवल जींस और पैजामा पहने हुए जुलूस में निकले।
उधर सपाइयों ने कलक्ट्रेट में केंद्र सरकार का पुतला दहन के लिए एक पुतला बनाया था, लेकिन मौके पर पहुंचे लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष आशीष मोहन यादव ने कहा कि पुतला फूंकने पर पुलिस लाठीचार्ज कर सकती है। मुकदमा दर्ज हो सकता है।
ऐसे में पुतला दहन करने पर सपाइयों में दो फाड़ हो गए। बाद में पुतला मालवीय पुस्तकालय के नाले में फेंक दिया गया। सपाई यहां से सीधे कठपुला होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी कक्ष के बाहर मुख्य प्रवेश द्वार को पुलिस ने बंद करा दिया था तो सपाई पुराने गेट पर पहुंचे। पुराने गेट पर पुलिस ने सपाइयों को रोक लिया। मौके पर एसीएम द्वितीय ने सपाइयों से ज्ञापन लिया।
यहां सपा छात्र सभा के जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल, डीजल में 50 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि होने पर भाजपाई सड़कों पर उतर आते थे। अब कोई कुछ नहीं बोल रहा है।
भ्रष्टाचार, महंगाई, अपराध मुक्त समाज की स्थापना के वादे पर सत्ता में आई भाजपा सरकार किसी एक भी मुद्दे पर लोगों को राहत नहीं दिला सकी है। किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं तो युवा रोजगार के लिए परेशान हैं। महंगाई दिन पर दिन आसमान छू रही है।
सपाइयों की संख्या बढ़ी और नारेबाजी करते हुए सपाइयों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इस मौके पर मनीष शर्मा, कासिफ आब्दी, दीपक यादव, मो. सालिम, विकास दीप, अशोक, राम, मनोज यादव, जैकी ठाकुर, विकास राघव, अंकुश यादव मौजूद रहे।