अनामिका की मां निराश होकर ब्लड बैंक से बाहर निकल रही थीं, तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने आकर कहा, अगर तुम पर 2800 रुपये हैं, तो ब्लड अभी मिल जाएगा। 2100 रुपये में बात तय हो गई। 28 फरवरी को भी एक यूनिट ब्लड 2300 रुपये में उपलब्ध कराया।
अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल में खून बेचे जाने को लेकर हंगामा हो गया। मामले में भाजपा नेता से स्वास्थ्यकर्मियों की नोकझोंक भी हुई। मामले में दो यूनिट ब्लड 4400 रुपये में बेचे जाने की शिकायत शहर विधायक मुक्ता राजा से की गई है।
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26 फरवरी को बीमार अनामिका (17) को उनके परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने खून चढ़ाने की बात कही। अनामिका की मां अर्चना ने ब्लड बैंक में संपर्क किया। यहां कर्मी ने कहा कि ए पॉजिटिव ब्लड नहीं है। इसके बाद अनामिका की मां ने इसकी जानकारी भाजपा के ऋतिक शिवाजी को फोन करके दी। ऋतिक शिवाजी ने भी ब्लड बैंक प्रभारी रतन गुप्ता को फोन करके ब्लड के लिए अनुरोध किया। उन्होंने भी ब्लड न होने की बात कही।
अनामिका की मां निराश होकर ब्लड बैंक से बाहर निकल रही थीं, तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने आकर कहा, अगर तुम पर 2800 रुपये हैं, तो ब्लड अभी मिल जाएगा। 2100 रुपये में बात तय हो गई। 28 फरवरी को भी एक यूनिट ब्लड 2300 रुपये में उपलब्ध कराया।
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जब इसकी जानकारी पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा को मिली तो वह अपने साथ अनुसूचित मोर्चा के महामंत्री राकेश सहाय, सोशल मीडिया प्रभारी हरमीत सिंह बंटी सरदार को लेकर ब्लड बैंक गए और वहां हंगामा किया। ब्लड बैंक प्रभारी रतन गुप्ता से नोकझोंक भी हुई। संजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने सीएमएस डॉ. जगबीर सिंह से बात की, लेकिन वह विकास भवन में एक बैठक में थे। शहर विधायक मुक्ता राजा से शिकायत कर दी गई है।
जिला अस्पताल में खून बेचे जाने का जो आरोप लगाया जा रहा है। उस बारे में जांच कराएंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ