कोल विधायक अनिल पाराशर जब स्व-गणना प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके तो बोले जब जनप्रतिनिधि को ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में इतनी परेशानी हो रही है, तो आम लोगों के लिए यह कितना मुश्किल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्व-गणना में तकनीकी खामियां सबसे बड़ी बाधा बनी हैं। कभी लोकेशन ना मिलना, कभी सर्वर में समस्या तो कई बार ओटीपी आने में लंबा वक्त लग रहा है। अलीगढ़ शहर विधायक के बाद 14 मई को कोल विधायक अनिल पाराशर को भी ऐसा अनुभव तब हुआ, जब वह स्व-गणना के लिए फॉर्म भरने बैठे। करीब एक घंटे तक लैपटॉप स्क्रीन के सामने बैठे विधायक पोर्टल की तकनीकी अड़चन से जूझते रहे, लेकिन फॉर्म उपयोगकर्ता विवरण से आगे ही नहीं बढ़ सका। कई बार प्रयास करने के बाद भी जब प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो उनकी नाराजगी साफ नजर आई।
विज्ञापन
उन्होंने वहां मौजूद अपने प्रवक्ता से कहा कि अब यह काम ऑफलाइन तरीके से ही कराना पड़ेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर निगम के कर्मचारी को बुलाकर फॉर्म भरवाया जाए। इस बीच उन्होंने अहम सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधि को ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में इतनी परेशानी हो रही है, तो आम लोगों के लिए यह कितना मुश्किल होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन नहीं
सात से 21 मई तक जारी स्व गणना में अगर किसी परिवार को फॉर्म भरने में परेशानी आती है तो राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1855 पर संपर्क किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर इस तरह की कोई हेल्पलाइन नहीं है। 14 मई को इस हेल्पलाइन पर 12 बार कॉल किया गया, लेकिन एक बार भी बात नहीं हो पाई। स्व गणना की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, एक परिवार को करीब छह पेज में दिए गए विकल्पों को भरना है जिसके लिए एक परिवार, एक फोन नंबर और एक ही ओटीपी अनिवार्य है। यह पहला पड़ाव पार कर पाना मुश्किल हो रहा है। अगर किसी का लॉगइन हो गया तो पहचान के बाद घर की लोकेशन मांग रहा है। यह पड़ाव सबसे जटिल रहता है क्योंकि माइक्रो लोकेशन तक सर्वर पहुंच नहीं पाता।
विज्ञापन
समाधान भी किसी काम के नहीं
अलीगढ़ जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर स्व गणना का लिंक है। यहां क्लिक करने के बाद फॉर्म विंडो ओपन होती है। यहां स्व गणना प्रश्न, ट्यूटोरियल वीडियो और यूजर गाइड दिया है। हालांकि, शहर और कोल विधायक के अलावा ताला कारोबारी योगेश अग्रवाल और उनका परिवार काफी प्रयास करता रहा, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली। वेबसाइट पर दिए समाधान भी किसी काम नहीं आए।