यूपीएससी की परीक्षा में 506वीं रैक हासिल करने वाले शकील अहमद को मेहनत का फल मिल गया है। शाहजहांपुर के तिलहर के रहने वाले तसव्वुर हुसैन के बेटे शकील अहमद ने बताया कि एएमयू से वर्ष 2019 में बीटेक की पढ़ाई की थी। इसके बाद से वह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। दूसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिली है। उन्होंने भूगोल विषय को वैकल्पिक के तौर पर लिया था। उन्होंने कहा कि बचपन से ही वह आईएएस बनने का सपना देख रहे थे, जो अब हकीकत में बदल चुका है।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता : यासिर
यूपीएससी की परीक्षा में 768वीं रैंक हासिल करने वाले यासिर अहमद भट्टी को दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। उन्होंने वर्ष 2016 में बाबा गुलाम शाह यूनिवर्सिटी जम्मू-कश्मीर से बीटेक की डिग्री ली थी। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मंजूर अहमद के बेटे यासिर ने बताया कि वह पिछले आठ साल से यूपीएससी की परीक्षा में सफल होने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रैंक को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। हालांकि, पिछली बार उन्हें असफलता हाथ लगी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
यूपीएससी की परीक्षा में 847वीं रैंक हासिल करने वाले नजीर अहमद बिजरान को पहले जम्मू-कश्मीर पीसीएस और अब यूपीएससी परीक्षा में सफलता मिली है। जम्मू-कश्मीर के गंदेरबल के गुलाम मुहीद उद्दीन के बेटे नजीर अहमद ने बताया कि पिछली बार एक नंबर से यूपीएससी की परीक्षा क्वालिफाई नहीं कर पाया था। मगर उन्होंने अपनी तैयारी जारी कर रखी थी। अब सफलता मिल गई है। इससे वह काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है।
यूपीएससी परीक्षा में ईशा रानी व आयुषी ने पाई सफलता
यूपीएससी परीक्षा में अलीगढ़ पीएसी में तैनात दरोगा संजीव बालियान की बेटी ईशा रानी ने 384 रैंक हासिल की है। उन्होंने यह सफलता अपने पहले प्रयास में हासिल की है। इसी तरह सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता विद्युत मगन सिंह की भतीजी आयुषी ने भी सफलता प्राप्त की है। दोनों की सफलता पर परिजनों ने खुशी का इजहार करते हुए मिष्ठान का वितरण किया है।