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पुलिस को देख घर में भागे सपा नेता की सदमे से मौत

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संदिग्ध परिस्थित में हुई सपा नेता मौत के बाद सासनी गेट थाने का घेराव करते परिजन। - फोटो : CITY OFFICE
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सासनी गेट क्षेत्र की जयगंज पुलिस चौकी के पास घर के बाहर चबूतरे पर सौ फीसद लॉकडाउन क्षेत्र में रविवार दोपहर लूडो खेल रहे लोगों को भगाने के लिए दरोगा द्वारा दी गई धमकी की दहशत में एक बुजुर्ग सपा नेता की मौत हो गई। चबूतरे से उठकर भागे सपा नेता घर में घुसते ही गिर गए। परिजन जब उन्हें अस्पताल ले गए तो उन्हें हार्ट अटैक से मृत घोषित कर दिया गया। इस पर पत्नी थाने पहुंच गई और दरोगा पर डंडा मारने का आरोप लगाया। वहां भीड़ जमा हो गई और हंगामा भी हुआ। पुलिस के साक्ष्य दिखाने पर परिजन बिना किसी कार्रवाई के शव साथ ले गए।
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वाकये के मुताबिक घर में ही साइकिल/परचून की दुकान चलाने वाले जयगंज निवासी 55 वर्षीय नारायण वार्ष्णेय दोपहर में घर के बाहर चबूतरे पर बैठे थे। तभी वहां कुछ लोग आ गए और लूडो खेलने लगे। वह भी वहीं बैठे रहे। इसी दौरान वहां लॉकडाउन/सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पुलिस पहुंच गई। दरोगा ने लोगों को घरों के भीतर भेजने को डंडा दिखाते हुए धमकाना शुरू कर दिया और लूडो खेलते लोगों की फोटो खींचनी शुरू कर दी। इस पर लूडो खेल रहे युवक तो भाग गए।
बताया गया है कि पुुलिसकर्मियों ने वृद्ध को हिदायत दी कि अगर घर के बाहर जमावड़ा लगाया तो लॉक डाउन उल्लंघन के मुकदमे में पाबंद कर देंगे। यह सुन नारायण वार्ष्णेय घर मेेें गए और जाते ही जमीन पर गिर पड़े। परिवार वाले उन्हें एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां उन्हेें मृत घोषित कर दिया। डाक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। इस पर परिवार वाले शव लेकर घर पहुंचे और पहले जयगंज पुलिस चौकी पर हंगामा किया। फिर थाने पर पहुंच गए। मृतक की पत्नी आशा ने आरोप लगाया कि पति को पुलिस कर्मियों ने लाठी मारी थी, जिससे वह घर के भीतर भागे और गिर गए। इससे उनकी मौत हुई है। दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की जाए। इधर, आस पड़ोस के लोगों ने परिवार की माली हालत व मृतक के तीन बच्चों को देखते हुए मुआवजे की मांग रखी।
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जैसे-तैसे पुलिस डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद परिवार वालों को समझाया। साथ में वहां कोई डंडा न चलने के साक्ष्य दिखाए। भरोसा दिया कि अगर चाहते हैं तो शव का पोस्टमार्टम करा लें, तस्वीर साफ हो जाएगी। इस पर परिवार वाले मान गए और बिना पोस्टमार्टम के ही शव ले जाने को तैयार हो गए।
डंडे मारने की अफवाह उड़ा दी थी : बेटा
बेटे दीपेंद्र का कहना है कि कुछ लोगों ने गलत जानकारी दे दी थी। डंडे मारने की अफवाह उड़ा दी थी। मगर सही बात यही है कि पिता की हार्ट अटैक से मौत हुई है। उन्हें पहले भी एक बार हार्ट अटैक पड़ चुका था। एसपी सिटी अभिषेक के मुताबिक वृद्ध की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। थाना इंस्पेक्टर के बताए अनुसार पुलिस कर्मियों ने सिर्फ लोगों को घरों के भीतर करने को धमकाया था। किसी को मारा नहीं था। फिर भी अगर परिवारीजन कोई सुबूत दें तो उसके आधार पर जांच कर मामले में कार्रवाई आवश्यक की जाएगी।
पूर्व विधायक जफर आलम के पीआरओ रह चुके थे नारायण
नारायण वार्ष्णेय सपा सरकार में शहर विधायक रहे जफर आलम के जनसंपर्क अधिकारी का काम संभालते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही जफर आलम ने भी पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मृतक को श्रद्धांजलि दी।
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