अलीगढ़ जिले के 255 एटीएम में 75 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि बिना किसी पर्याप्त सुरक्षा के पड़ी रहती है। मुरादाबाद, हाथरस में एटीएम क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद 27 नवंबर को दिन के समय अमर उजाला द्वारा पड़ताल की गई तो अधिकांश एटीएम बूथ पर कोई गार्ड नहीं था। कुछ जगह तो सीसीटीवी तक खराब थे। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जहां सीसीटीवी काम नहीं कर रहे हैं, वहां यह भी पता नहीं चल रहा कि वे खराब हैं या बंद किए गए हैं।
शहर भर में लोग कैश निकालने के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक भटकने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें भारी असुविधा हो रही है।- मो. फैजान, मामू भांजा
एटीएम क्यों खराब हैं और कब तक खराब रहेंगे इसको कोई बताने वाला भी नहीं है।- योगेश, सासनी गेट
कुछ बैंक एटीएम स्वयं चलाते हैं और कुछ एजेंसी को देते हैं। सभी जगह कैश इंश्योर्ड होता है। सीसीटीवी सर्विलांस रहती है। एटीएम मशीन जमीन पर प्लेटफार्म बनाकर फिक्स की जाती है। उखाड़ने के बाद भी उसका वॉल्ट जबरदस्ती नहीं खोला जा सकता है। गैस कटर से चैंबर काटने पर करंसी जल जाएगी। एटीएम क्षतिग्रस्त जरूर करा जा सकता है।-अशोक कुमार सोनी, लीड बैंक मैनेजरविज्ञापन
वैसे तो जिले में एटीएम की निगरानी के लिए बीट वार व्यवस्था निर्धारित है। रात में थाने की गश्ती टीम, पीआरवी टीम एटीएम की निगरानी करती हैं। उनके द्वारा एटीएम की चेकिंग के लिए जाते समय वहां से अपनी लोकेशन तक थाना व अधिकारियों के ग्रुपों में साझा की जाती है, फिर भी अब पड़ोसी जनपदों में हुईं घटनाओं के मद्देनजर थाना स्तर पर इस निगरानी व्यवस्था को शत-प्रतिशत सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए हैं।-नीरज जादौन, एसएसपी
किस बैंक के कितने एटीएम