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कल्याण सिंह नगर: 221 साल में दूसरी बार अलीगढ़ से निकलेगा एक और जिला, पहले ऐसे ही बना था हाथरस जिला

Wed, 29 Oct 2025 10:21 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ जिला 221 साल पुराना है। सन 1804 में अंग्रेजों ने मराठों से विजय हासिल करने के बाद इसको जिला बनाया था। कर्नल रसल को पहला कलक्टर नियुक्त किया गया था। जिसके नाम पर आज भी रसलगंज इलाका है। इसके बाद ही यहां नगरीय व्यवस्था की शुरुआत हुई।
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कल्याण सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ जिले की अतरौली तहसील, कस्बा गंगीरी और जिला बुलंदशहर की तहसील डिबाई को मिलाकर नया जिला कल्याण सिंह नगर को गठित करने के लिए राजस्व परिषद ने प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। अगर यह नया जिला बनाया जाता है तो जिले के 221 साल पुराने इतिहास में यह दूसरा मौका होगा जब जिले के भूभाग को लेकर कोई नया जिला गठित किया जाएगा। इससे पहले 3 मई 1997 में अलीगढ़ जिले से सिकंदराराऊ और हाथरस तहसील लेकर हाथरस जिले का गठन किया गया था। उस समय अलीगढ़ के साथ-साथ मथुरा और आगरा जिलों के भी कुछ हिस्सों को हाथरस जिलों में शामिल किया गया था।

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अलीगढ़ जिला 221 साल पुराना है। सन 1804 में अंग्रेजों ने मराठों से विजय हासिल करने के बाद इसको जिला बनाया था। कर्नल रसल को पहला कलक्टर नियुक्त किया गया था। जिसके नाम पर आज भी रसलगंज इलाका है। इसके बाद ही यहां नगरीय व्यवस्था की शुरुआत हुई। तब इसकी सीमा आगरा से लगती थी। इसके 193 साल बाद अलीगढ़ जिले का कुछ हिस्सा लेकर हाथरस जिला बनाया गया। उस समय अलीगढ़ जिले में 17 ब्लाक और 6 तहसील थीं। दो तहसील हाथरस और सिकंदराराऊ को अलग कर दिया गया। हाथरस नया जिला बनने के बाद गभाना को तहसील बनाया गया। अब अलीगढ़ में पांच तहसील 12 ब्लाक हैं। नया जिला बनने पर तीन ब्लाक अलीगढ़ के और एक ब्लाक जिला बुलंदशहर के कम हो जाएंगे। वर्तमान में अतरौली में तीन ब्लाक हैं। बिजौली, अतरौली और गंगीरी। इसी तरह जिला बुलंदशहर में डिबाई ब्लाक है।
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राजस्व परिषद के मानकों पर विवरण जुटाने में जुटा प्रशासन
कल्याण सिंह नगर के संबंध में राजस्व परिषद की ओर से विस्तृत रिपोर्ट मांगे जाने के बाद स्थानीय प्रशासन निर्धारित मानकों के आधार पर विवरण जुटाने में जुट गया है। प्रशासनिक टीम अब उन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहनता से आंकलन कर रही है, जो नए जिले की व्यवहार्यता तय करेंगे। इसके लिए सीमांकन और भौगोलिक स्थिति पर फोकस किया जा रहा है।

राजस्व परिषद द्वारा जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी जा रही है उसका विवरण जुटाया जा रहा है। पूरी रिपोर्ट तैयार करके भेज दी जाएगी।-संजीव रंजव, जिलाधिकारी अलीगढ़

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  • जनसंख्या एवं भूभाग: अतरौली और गंगीरी तहसीलों की जनसंख्या, भूभाग और भौगोलिक स्थिति का विस्तृत विवरण एकत्र किया जा रहा है।
  • क्षेत्र और तहसील: यह आंकलन किया जा रहा है कि किन मौजूदा तहसीलों या उनके हिस्सों को मिलाकर नया जिला बनाया जाएगा।
  • क्षेत्रफल और नक्शा: प्रस्तावित जिले का कुल क्षेत्रफल कितना होगा, इसका आकलन किया जा रहा है। साथ ही, नए जिले की प्रस्तावित सीमाओं को दर्शाने वाला एक विस्तृत नक्शा भी तैयार किया जाएगा।
  • राजस्व और प्रशासनिक सुविधा का आंकलन : प्रशासनिक रिपोर्ट में नए जिले की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवहार्यता भी सुनिश्चित की जाएगी
  • जनसंख्या और राजस्व संग्रह: प्रस्तावित नए जिले की कुल जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि यह प्रशासनिक रूप से व्यवहार्य है या नहीं। इसके सापेक्ष कितना राजस्व संग्रह हो सकेगा, इसका आंकलन भी रिपोर्ट में शामिल होगा।
  • परिवहन: आंकलन में यह देखा जा रहा है कि नए जिले के मुख्यालय से दूरदराज के क्षेत्रों की दूरी कितनी होगी, ताकि प्रशासनिक सेवा कार्यालयों तक नागरिकों की पहुंच आसान हो सके। क्षेत्र में यातायात की स्थिति और मुख्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क और परिवहन की उपलब्धता का भी विस्तृत विवरण तैयार किया जा रहा है।
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सपा बोली, केवल राजनीतिक लाभ की कोशिश
अतरौली को नया जिला बनाने और उसका नाम पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखने की पहल पर समाजवादी पार्टी ने विरोध दर्ज कराया है। सपा की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर ने इस कदम को क्षेत्रीय विकास की बजाय केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश'' बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ऐसे नए जिलों में आज तक मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं कर सकी है। यह केवल भाजपा की राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश भर है। भाजपा का इस क्षेत्र के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबूजी कल्याण सिंह अलीगढ़ जनपद की शान हैं, पहचान हैं। भाजपा उनकी मूल पहचान को मिटाना चाहती है।
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