- जनसंख्या एवं भूभाग: अतरौली और गंगीरी तहसीलों की जनसंख्या, भूभाग और भौगोलिक स्थिति का विस्तृत विवरण एकत्र किया जा रहा है।
- क्षेत्र और तहसील: यह आंकलन किया जा रहा है कि किन मौजूदा तहसीलों या उनके हिस्सों को मिलाकर नया जिला बनाया जाएगा।
- क्षेत्रफल और नक्शा: प्रस्तावित जिले का कुल क्षेत्रफल कितना होगा, इसका आकलन किया जा रहा है। साथ ही, नए जिले की प्रस्तावित सीमाओं को दर्शाने वाला एक विस्तृत नक्शा भी तैयार किया जाएगा।
- राजस्व और प्रशासनिक सुविधा का आंकलन : प्रशासनिक रिपोर्ट में नए जिले की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवहार्यता भी सुनिश्चित की जाएगी
- जनसंख्या और राजस्व संग्रह: प्रस्तावित नए जिले की कुल जनसंख्या का आकलन किया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि यह प्रशासनिक रूप से व्यवहार्य है या नहीं। इसके सापेक्ष कितना राजस्व संग्रह हो सकेगा, इसका आंकलन भी रिपोर्ट में शामिल होगा।
- परिवहन: आंकलन में यह देखा जा रहा है कि नए जिले के मुख्यालय से दूरदराज के क्षेत्रों की दूरी कितनी होगी, ताकि प्रशासनिक सेवा कार्यालयों तक नागरिकों की पहुंच आसान हो सके। क्षेत्र में यातायात की स्थिति और मुख्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क और परिवहन की उपलब्धता का भी विस्तृत विवरण तैयार किया जा रहा है।
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सपा बोली, केवल राजनीतिक लाभ की कोशिश
अतरौली को नया जिला बनाने और उसका नाम पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखने की पहल पर समाजवादी पार्टी ने विरोध दर्ज कराया है। सपा की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर ने इस कदम को क्षेत्रीय विकास की बजाय केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश'' बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ऐसे नए जिलों में आज तक मूलभूत सुविधाएं विकसित नहीं कर सकी है। यह केवल भाजपा की राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश भर है। भाजपा का इस क्षेत्र के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबूजी कल्याण सिंह अलीगढ़ जनपद की शान हैं, पहचान हैं। भाजपा उनकी मूल पहचान को मिटाना चाहती है।