इस मामले में घटना वाले दिन छेडख़ानी पर राहगीरों ने तीनों को पीटकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बाद में थाने में सुलहनामा होने पर तीनों को शांति भंग में पाबंद किया गया। पुलिस ने अपनी ओर से तीनों पर एक मुकदमा भी लिखा।
अगले दिन उन तीनों की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर यह कहते हुए वायरल हुआ कि उन्हें जयभीम बोलने पर दबंग सवर्णों ने पीटा है। इस पर पुलिस ने दूसरा मुकदमा झूठा वीडियो वायरल करने का दर्ज किया। साथ में सफाई दी कि मामला जय भीम बोलने या जातिय विवाद का नहीं, बल्कि छेडख़ानी पर पिटाई का है।
जिस पर तीनों के परिजनों ने थाने में लिखित माफीनामा व सुलहनामा भी दिया है। इसके बाद सपा, बसपा व असपा ने तीनों को एसएसपी कार्यालय ले जाकर पिटाई का मुकदमा दर्ज न किए जाने पर विरोध किया। तब पुलिस ने तीनों की पिटाई किए जाने का मुकदमा भी दर्ज कर लिया।
तीनों अनुसूचित युवकों को विशेष जाति के दबंगों द्वारा बेरहमी से पीटा गया। जिनसे मिलने के लिए सपा का प्रतिनिधि मंडल सांसद रामजीलाल सुमन की अगुवाई में जाने वाला था। मगर पुलिस ने उन्हें नहीं जाने दिया। सभी नेताओं को नजरबंद किया। यह सब सरकार के इशारे पर योजनाबद्ध तरीके से किया गया। इसका जवाब दिया जाएगा।-लक्ष्मी धनगर सपा जिलाध्यक्ष
इस पूरे मामले में नजर रखी जा रही है। लड़की के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जो जांच में सही पाया जाएगा, कार्रवाई की जाएगी।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी