विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अलीगढ़ शहर विधानसभा क्षेत्र के सामने खड़ी सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है। आखिरकार वर्ष 2003 में प्रकाशित मतदाता सूची खोज ली गई है। 20 नवंबर को यह सूची एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगी। जयपुर की फर्म मल्टीवेव इनोवेशन से इस रिकॉर्ड को प्राप्त किया गया है। इस फर्म ने उस समय सूची का प्रकाशन किया था। अब शहर विधानसभा क्षेत्र की एसआईआर प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ सकेगी।
जयपुर की फर्म के पास वर्ष 2003 की शहर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची का रिकॉर्ड एक सीडी में था। यह सीडी बेहद खराब अवस्था में थी। इसको चेन्नई भेजा गया, वहां से डाटा रिकवर किया गया। एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि बुधवार शाम को यह रिकॉर्ड स्थानीय स्तर पर जारी कर दिया गया है। इस रिकॉर्ड की अनुपलब्धता के कारण शहर विधानसभा क्षेत्र की मैपिंग का काम रुका हुआ था। उन्होंने बताया कि अब जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्र खैर, बरौली, अतरौली, छर्रा, कोल, शहर और इगलास की वर्ष 2003 की मतदाता सूचियां उपलब्ध हो गईं हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि सभी पात्र मतदाताओं का नाम अनिवार्य रूप से सूची में शामिल किया जाए।
एसआईआर के एप में आई खामी, रात को सही हुई
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में बुधवार को चुनाव आयोग के एप में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते दिन भर बीएलओ को डाटा फीड करने में समस्या आई। रात करीब 9 बजे यह खामी सुधार कर ली गई। अब बृहस्पतिवार से सुचारू तरीके से काम होगा।
एप में आई तकनीकी खामी कुछ इस तरह से आई। अतरौली में वर्ष 2003 की सूची में मतदाता बी का क्रमांक 2 और एपिक नंबर ई-20 था, जबकि मतदाता सी का क्रमांक 3 और एपिक नंबर ई-30 है। समस्या की शुरुआत तब हुई जब बीएलओ मतदाता बी का सही क्रमांक-2 एप में डालते हैं, तो उन्हें सही एपिक नंबर ई-20 तो दिखता है, लेकिन उस क्रमांक के सामने नाम बी की जगह सी का दिखाई देता है। यह गड़बड़ी बुधवार को पूरे दिन रही। इस खराबी के कारण पूरे दिन काम प्रभावित रहा। एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि बुधवार को तकनीकी कारणों से समस्या आ गई थी। रात को 9 बजे बताया गया कि एप में आई समस्या दूर हो गई है। अब काम सुचारू तरीके से होगा।