गांवों में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को पांच-पांच गांव का जिम्मा दिया है। इन गांवों में डीएम ने कोरोना टेस्ट, मेडिकल किट वितरण, वैक्सीनेशन का काम शत प्रतिशत कराने का आदेश जिम्मेदारों को दिया है। यह अधिकारी गांव चिह्नित कर डीएम को जानकारी देंगे।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अधिकारियों के साथ जाएगी। गांव के लोगों की सैंपलिंग, हल्के या कोरोना के समरूप लक्षण वाले रोगियों को मेडिकल किट वितरण व 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन लगवाने का काम करेगी। डीएम ने कहा कि इस कार्य में कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वरना, जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कलेक्ट्रेट परिसर में कोविड की समीक्षा बैठक शनिवार दोपहर को हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। साथ ही निजी अस्पतालों के डॉक्टर भी पहुंचे। इसमें डीएम ने सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सालयों में पीकू (पीडियाट्रिक आईसीयू) की स्थापना अति शीघ्र करने के निर्देश दिए। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए मैक्सफोर्ट हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा बताया गया कि वह जिलाधिकारी की अपेक्षा के अनुरूप 40 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार करेंगे।
शेखर सराफ मेमोरियल हॉस्पिटल (रूसा) व द् होप को 20-20 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि आईएमए के सहयोग से चिकित्सकों का पैनल गठन किया जाए। आवश्यकता अनुरूप सलाह इनसे ली जाए। संक्रमितों के इलाज में इनके अनुभव का लाभ उठाया जाए।
इधर, किड्स केअर अस्पताल की तरफ से दीनदयाल अस्पताल में एक हॉल की मांग की गई, जिसमें बच्चों के लिए कोविड बेड का वार्ड स्थापित किया जा सके। इस पर सीएमएस दीनदयाल डॉ. वैभव से समन्वय स्थापित करते हुए दीनदयाल में वार्ड स्थापित कराने की मंजूरी दी गई।
इधर, मैक्सफोर्ट अस्पताल के मालिक डॉ. चितरंजन सिंह ने प्रस्ताव दिया कि उनके पास एक बड़ा हॉल खाली है, जिसमें बच्चों के लिए 40 बेड का कोविड वार्ड स्थापित किया जा सकता है। मगर, उन्हें इस कार्य के लिए जिला प्रशासन की मदद की आवश्यकता पड़ेगी।
इस संबंध में निर्देश दिए गए कि डॉ. चितरंजन सिंह 40 बेड का बच्चों का वार्ड बनाने का कार्य शुरू करें। जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि दीनदयाल में दो मरीज भर्ती हैं, वह पैरालिसिस हैं। दोनों को खाने-पीने की समस्या आ रही है। इस पर उन दोनों को अटेंडेंट देने की मंजूरी दी गई।
जिला अस्पताल व दीनदयाल में पीकू की स्थापना के लिए बजट प्रस्ताव करें तैयार
डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीपीएस कल्याणी को निर्देशित किया कि वह सरकारी अस्पतालों में पीकू की स्थापना के लिए संभावित बजट का प्रस्ताव तैयार करें। जिला अस्पताल और दीनदयाल में खासतौर पर पीकू की स्थापना की जानी है। प्रस्ताव शासन को शीघ्र भेजें।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी निजी एवं सरकारी चिकित्सालयों के जिम्मेदारों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि चिकित्सालय अपने यहां खाली बेड की सूचना कंट्रोल रूम को समय से क्यों नहीं उपलब्ध करा रहे हैं। डिजिटल डैशबोर्ड में समय से फीडिंग नहीं हो रही है। इस काम में आगे से लापरवाही सहन नहीं होगी।