हरियाणा के टोहना फतेहाबाद में 900 ग्राम हेरोइन, सरकारी कार्बाइन, 55 जिंदा कारतूस, अवैध पिस्टल समेत पकड़े गए एसडीएम कोल संजीव ओझा के गनर प्रदीप को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच का विषय ये भी है कि जब वह अवकाश पर गया था तो उसके पास सरकारी कार्बाइन कैसे मौजूद थी। अवकाश पर जाने से पहले उसने पुलिस लाइन में अपना असलह जमा क्यों नहीं कराया? एसएसपी मुनिराज ने बताया कि फिलहाल सिपाही प्रदीप को निलंबित कर दिया गया है। अन्य सभी बिंदुओं पर जांच शुरू हो गई है, जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
इस संबंध में एसडीएम कोल संजीव ओझा ने बताया कि प्रदीप नाम का गनर उनके पास बीती 6 अप्रैल से आने लगा था। 16 अप्रैल को उसने संदेश भिजवाया कि उसको सर्दी खांसी जुकाम हो गया है। इसलिए वह नहीं आएगा। इसके बाद बुधवार 22 अप्रैल को अमर उजाला से पता चला कि वह हरियाणा के टोहना फतेहाबाद में हेरोइन, अवैध पिस्टल, कारतूस और सरकारी कार्बाइन के साथ पकड़ा गया है। प्रदीप के खिलाफ अब हरियाणा में मुकदमा दर्ज हो चुका है। कार्रवाई, जांच पड़ताल हरियाणा पुलिस कर ही रही है। स्थानीय पुलिस भी उसके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
गौर हो कि मूलरूप से टोहना निवासी प्रदीप के साथ वहीं का सौरभ और गाजियाबाद पुलिस कर्मी विजय भी पकड़ा गया है। ये तीनों दिल्ली में एक नाइजीरियन से हेरोइन लेकर टोहना में बेचने जा रहे थे, उसी दौरान पुलिस चेकिंग में मंगलवार की शाम को पकड़े गए थे। इधर, मूल रूप से हाथरस के सादाबाद निवासी एसडीएम कोल संजीव ओझा के गनर प्रदीप के इस संगीन अपराध में पकड़े जाने की खबर की सादाबाद से हाथरस तक जबरदस्त चर्चा में है।