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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से स्क्रैप कारोबारी की मृत्यु, डीएम कराएंगे जांच

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शहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव राजा का कहना है कि मानिक चौक के स्क्रैप कारोबारी की मौत स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से हुई है। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से कर दिए हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि इसकी जांच सीडीओ अनुनय झा से कराएंगे। उन्होंने कहा कि लापरवाही के लिए सीएमओ को नहीं छोड़ेंगे।
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भाजपा विधायक का कहना है कि लापरवाही का उनके पास कई प्रमाण है। स्क्रैप कारोबारी के उपचार में बड़ी लापरवाही हुई है। रात्रि 11.15 बजे तक वह स्वयं सीएमओ के संपर्क में रहे लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया। स्क्रैप कारोबारी को उपचार की जरूरत थी लेकिन उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया। सुबह तक उन्हें दवा नहीं मिली। वहां पर उनको इलाज मिला या नहीं, भगवान जाने। मृतक के परिजनों के पास कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट काफी देरी से पहुंचाई गई।
भाजपा विधायक संजीव राजा ने कहा कि दुर्गापुरी की संक्रमित अनुसूचित जाति की महिला के घर से आज तक नमूना नहीं लिया गया है। इससे प्रशासनिक जगत में खलबली मच गई है। उनका कहना है कि अनुसूचित जाति की महिला आगरा रोड स्थित एक हॉस्पिटल में काम करती थी, जहां कुछ रोज पहले वह संक्रमित पाई गई थी। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उसके बस्ती में नहीं गए। न तो महिला के परिजनों का नमूना लिया गया और न ही आसपास के लोगों का नमूना लिया गया। इस संबंध में कोशिश के बावजूद सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी से बात नहीं हो सकी।
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पुत्र से आग्रह करते रहे स्क्रैप कारोबारी, यहां से ले चलो नहीं तो मर जाएंगे
मानिक चौक निवासी 55 वर्षीय स्क्रैप कारोबारी के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है। यह आरोप भाजपा नेता मानव महाजन लगा रहे हैं। मानव महाजन का कहना है कि डीएम वार रूम में सूचना के बाद स्वास्थ्यकर्मी स्क्रैप कारोबारी के घर पहुंचे। आनन-फानन में लेकर गए और छेरत में क्वारंटीन करा दिया। स्क्रैप व्यवसायी को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। मधुमेह एवं बीपी के रोगी थे। उन्हेें छेरत के बदले अस्पताल में ले जाकर उपचार देना चाहिए था। रात में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया। स्क्रैप कारोबारी बार-बार अपने पुत्र से कह रहे थे कि छेरत से लेकर चलो, यहां पर मर जाएंगे। परिजन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से आग्रह करते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्हें समय पर उपचार मिल जाता तो वह बच सकते थे।
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